कोरबा। वित्तीय वर्ष की अंतिम तिमाही में कोयला उत्पादन लक्ष्य हासिल करने की चुनौती एसईसीएल के सामने है। उत्पादन रफ्तार बढ़ाने पर कंपनी का फोकस है। 4 घंटे से अधिक चली जीएम समन्वय बैठक में अंतिम तिमाही के लक्ष्यों व आगामी योजना पर गहन मंथन किया गया। साल की पहली जीएम समन्वय बैठक में सीएमडी हरीश दुहन ने बेहतर योजना और निर्णायक क्रियान्वयन पर जोर दिया। एसईसीएल की साल की पहली जीएम समन्वय बैठक शुक्रवार को आयोजित की गई। मैराथन बैठक की अध्यक्षता अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक श्री दुहन ने की। बैठक में वित्तीय वर्ष की अंतिम तिमाही व आगामी वर्ष के लिए उत्पादन, उत्पादकता, योजना और समन्वय से जुड़े सभी पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई। सीएमडी ने सभी क्षेत्रों और विभागों से आह्वान किया कि लक्ष्य प्राप्ति के लिए अंतिम तिमाही में हर संभव प्रयास पूरे संकल्प और प्रतिबद्धता के साथ किए जाएँ। उन्होंने कहा कि लक्ष्य प्राप्ति के लिए हमें हर संभव प्रयास करना होगा। हमारी टीम पर मुझे पूरा भरोसा है। हम हर चुनौती का सामना करने और जीत हासिल करने में सक्षम हैं। उन्होंने बेहतर योजना, समयबद्ध निर्णय, संसाधनों के प्रभावी उपयोग और टीमवर्क पर विशेष जोर देते हुए कहा कि संगठित प्रयास ही सतत प्रदर्शन की कुंजी है। ज्ञात रहे कि एसईसीएल को मौजूदा वित्तीय वर्ष में 212 मिलियन टन कोयला उत्पादन का टारगेट दिया गया है। वित्तीय वर्ष की समाप्ति में अब अंतिम तीन माह बचे हुए हैं। इन तीन माह के 90 दिनों में 93 मिलियन टन कोयला उत्पादन की चुनौती कंपनी के सामने है। 212 मिलियन टन सालाना लक्ष्य के मुकाबले दिसंबर तक 118.98 मिलियन टन कोयला उत्पादन हो चुका है। लक्ष्य का अधिकांश कोयला कोरबा जिले की खदानों से उत्पादन किया जाना है। जीएम समन्वय बैठक में खास कर उत्पादन बढ़ाने के बिंदु पर मंथन किया गया है।
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