कोरबा। पहले पिता का साथ छूटा और फिर प्रकृति के कहर से मां मौत के मुंह में समा गई। माता-पिता की मौत के बाद अनाथ हुई चार बेटियां अब दाने-दाने को मोहताज है। उन्होंने प्रशासन से मदद की गुहार लगाई है। सीतामढ़ी निवासी कलिन्द्री यादव अपने पति की मौत के बाद 4 बच्चों का पालन-पोषण मजदूरी करके कर रही थी। पुत्री सिम्मी, स्नेहा, मुस्कान, आस्था ने कलेक्टर से मिलकर शासन के द्वारा दिए जाने वाले आपदा राशि प्रदान करने की गुहार लगाई है। मासूमों के सामने जीवन-यापन का ऐसा संकट खड़ा हो गया है, जिसे चाहकर हल नहीं कर पा रहें है। चार साल से सरकारी मदद का इंतजार करने की बाद भी जब कुछ नहीं हुआ, तो कलेक्टर के सामने अपना दुख-दर्द बयान किया। गत 1 अप्रैल 2018 को आंधी-तूफान में घर का छज्जा गिरने से दबकर कलिन्द्री की भी मृत्यु हो गई। मां की मृत्यु के बाद चारों नाबालिक बच्चे अनाथ हो गए। पीड़ितों के मुताबिक 3 साल तक मामला लटका रहा।
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