अब कालेजों में साल में दो बार प्रवेश की सुविधा, यूजीसी ने सभी शैक्षणिक संस्थाओं को पत्र लिखकर पालन के दिए निर्देश
कोरबा। देश में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। अब देश की सभी यूनिवर्सिटीज, कॉलेजों और अन्य शैक्षणिक संस्थाओं में छात्रों को साल में दो बार प्रवेश की सुविधा मिलेगी। यूजीसी की हाल में हुई बैठक में यह निर्णय लिया गया है। यूजीसी ने देश के सभी शैक्षणिक संस्थाओं को पत्र लिखकर इसका पालन सुनिश्चित करने को कहा है। शिक्षाविदों का मानना है कि इस निर्णय से उच्च शिक्षा के क्षेत्र में आने वाले समय में बड़ा बदलाव हो सकता है। देश के स्कूलों, कॉलेजों, यूनिवर्सिटीज और अन्य शैक्षणिक संस्थानों में अब तक साल में एक बार एडमिशन का सिस्टम चला आ रहा है, इसके तहत जुलाई- अगस्त के महीने में प्रवेश की प्रक्रिया पूरी की जाती है।फरवरी से अप्रैल के बीच में वार्षिक परीक्षाएं होती हैं। मई- जून में शैक्षणिक सत्र का अंत माना जाता है, लेकिन अब इसमें बड़ा बदलाव होने जा रहा है। दरअसल, यूजीसी की 580वीं बैठक में साल में दो बार प्रवेश की सुविधा शुरू करने निर्णय लिया गया है। यूजीसी ने इसे लेकर सभी उच्च शिक्षा संस्थानों को पत्र लिखा है। यूजीसी के पत्र के अनुसार नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति में शैक्षिक और आर्थिक रूप से सशक्त समाज और देश बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। ऐसे में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में युवाओं की अधिक भागीदारी सुनिश्चित की जानी जरूरी है। ऐसे में शैक्षणिक संस्थानों में शिक्षा का स्तर सुधारने के साथ ही रणनीतिक तौर पर भी बड़े कदम उठाने की जरूरत महसूस की जा रही थी। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 का लक्ष्य वर्ष 2035 तक 50 फीसदी सकल नामांकन का अनुपात हासिल करना है, इसके लिए कई अहम फैसले लेने की जरूरत है। इसी तारत्म्य में यूजीसी की 15 मई 2024 को 580 बैठक में साल में दो बार प्रवेश देने का निर्णय लिया गया है। अब साल में दो बार जुलाई- अगस्त और जनवरी- फरवरी में प्रवेश की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। यूजीसी के पत्र के अनुसार साल में दो बार प्रवेश के लिए सीयूईटी के यूजी और पीजी में एडमिशन के लिए जारी किए गए नंबरों का उपयोग किया जा सकता है। हालांकि इन नंबरों को वर्तमान में साल में एक बार उपयोग की मान्यता है। इसे लेकर आने वाले दिनों में बदलाव करने का निर्णय लिया जा सकता है।
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