Sunday, March 1, 2026

अब खामोश पड़ने लगे नगाड़े, रोटी के पड़ गए लाले, होली को लेकर सजा नगाड़ों का बाजार, लेकिन परंपरा पर आधुनिकता की मार

Must Read

 

कोरबा। छत्तीसगढ़ की ऊर्जाधानी कोरबा में होली त्योहार को लेकर पारंपरिक नगाड़ों का बाजार सज चुका है। कई स्थानों में इन दिनों नगाड़े दिखाई दे रहे हैं। 100 रुपए से लेकर 5000 रुपए जोड़ी तक के नगाड़े यहां बिक रहे हैं, जिन्हें खरीदने के लिए कुछ ग्रामीण और शहरी ग्राहक पहुंच रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ प्लास्टिक तासा और चाइनिज बाजा 50 से 500 रुपए में बिक रहे हैं। इसके अलावा अब लोग डीजे की धुन में थिरकने लगे हैं। इससे होली त्योहार में परंपरागत नगाड़ा और फागगीत की गूंज धीरे-धीरे कम हो रही है। नगाड़ों की अब लागत भी निकल नहीं पा रही है। इन्हें बेचने वालों के सामने रोटी के लाले पड़ गए हैं।

नगाड़ा विक्रेताओं ने बताया कि वे कई वर्षों से होली के अवसर पर यहां नगाड़ा बेचने आते रहे हैं। पहले जहां बाजार में अच्छी-खासी रौनक रहती थी, वहीं अब व्यापार में काफी गिरावट आई है। अब लागत भी निकल नहीं पा रही है। उनका कहना है कि पारंपरिक वाद्य यंत्रों की जगह अब प्लास्टिक के ताशे और चाइनीज बाजों ने ले ली है। व्यापारी बताते हैं कि पहले फागीतों की मधुर धुन और नगाड़ों की थाप से होली का रंग जमता था, लेकिन अब डीजे के तेज शोर में यह परंपरा धीरे-धीरे फीकी पड़ती जा रही है।

 

ग्रामीण इलाकों में भी डीजे संस्कृति का प्रभाव

ग्रामीण इलाकों में भी डीजे संस्कृति का प्रभाव साफ दिखाई दे रहा है, जहां पारंपरिक फाग गीतों की जगह फुहड़ गानों की धुन सुनाई देने लगी है। फिर भी कुछ लोग आज भी अपनी सांस्कृतिक विर

Loading

Latest News

जिला सहकारी बैंक कोरबा के अधिकारियों का कमाल: गत वर्ष केसीसी लोन प्राप्त कर चुका चुके आदिवासी किसान को मंत्री के सामने डेमो चेक...

कोरबा। जिले में शनिवार को कृषक उन्नति योजना अंतर्गत आदान सहायता राशि वितरण समारोह व वृहद किसान सम्मेलन का...

More Articles Like This