आधी रात पहुंचे हाथियों के झुंड ने मचाया उत्पात, धान की फसल को रौंद कर किया तहस नहस
कोरबा। जिले में हाथियों का उत्पात थमने का नाम नहीं ले रहा है। पसरखेत रेंज में सक्रिय 9 हाथियो की एंट्री अब कोरबा वन परिक्षेत्र के ग्राम गेराव में हो गई है। आधीरात को अचानक धमके हाथियो के दल ने यहां पहुंचते ही उत्पात मचाना शुरू कर दिया और ग्रामीणों के खेतों में पहुंचकर वहां लगे धान की फसल को रौंदने के साथ ही तहस-नहस कर दिया। हाथियों के गेराव पहुंचने की सूचना मिलते ही वन विभाग के अधिकारी व कर्मचारी तत्काल गेराव पहुंचे और अलर्ट आलार्म बजाने के साथ ही गांव में हाथियो की आने की मुनादी कराई और ग्रामीणों को सतर्क किया। तत्पश्चात खेतो में पहुंच वहां उत्पात मचा रहे हाथियो को खदेडऩे की कार्रवाई की। वन अमला द्वारा खदेड़े जाने पर हाथियो ने जंगल का रूख किया इससे पहले 15 ग्रामीणों की फसल को हाथियो ने चौपट कर दिया । हाथियों का दल अभी गेराव जंगल में है, वन अमला उसकी निगरानी कर रहा है। इधर वन मंडल कटघोरा के केंदई व पसान रेंज में मौजूद हाथी बेकाबू हो गए है। 41 सदस्य हाथियों के दल ने कल सेमरहा में उत्पात मचाते हुए 50 से अधिक ग्रामीणों की फसल को चौपट कर दिया था। वहीं बीती रात सेमरहा सर्किल के ही बनिया गांव में पहुंचकर बड़ी मात्रा में फसल रौंद दी है। दो दिन में बड़ी मात्रा में फसल को नुकसान पहुंचाए जाने से ग्रामीणों में दहशत का मौहाल है। वन विभाग हाथी प्रभावित गांव में लगातार मुनादी कराकर सतर्क कर रहे है। एक दंतैल केंदई रेंज के रोदे क्षेत्र में विचरण कर रहा है। दंतैल का लोकेशन मिलते ही वन अमला क्षेत्र में पहुंचकर हाथी की निगरानी में जुट गया है।
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ड्रोन कैमरे से हो रही हाथियों की निगरानी
हाथियों की निगरानी ड्रोन कैमरे के अलावा निगरानी दल द्वारा की जारी है। हाथियो की तादाद अधिक होने व वन विभाग के अमले के पास सीमित संसाधन होने के कारण हाथियों पर नियंत्रण नही हो पा रहा है। हालाकि डीएफओ कुमार निशांत ने कटघोरा वन मंडल का चार्ज लेते हुए इस समस्या की रोकथाम के लिए फोकस किया है। वे दिन-रात हाथी प्रभावित गांव का दौरा कर अपने मातहतों को दिशा-निर्देश दे रहे है। ग्रामीणों की मांग पर हाथियो से निपटने संसाधन भी उपलब्ध करा रहे है।
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