Wednesday, January 28, 2026

एग्रिस्टेक पोर्टल पर नया पंजीयन बना मुसीबत, 9 गांव के नाम एग्रीस्टेक पोर्टल पर दर्ज नहीं, किसान परेशान

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एग्रिस्टेक पोर्टल पर नया पंजीयन बना मुसीबत, 9 गांव के नाम एग्रीस्टेक पोर्टल पर दर्ज नहीं, किसान परेशान

कोरबा। जिले के नगर पालिक निगम में 9 गांव ऐसे हैं, जहां किसान खेती किसानी करते हैं। इन 9 गांव के नाम एग्रीस्टेक पोर्टल पर दर्ज नहीं हैं। किसानों ने इसकी लिखित शिकायत कलेक्टर से की थी। जिसके बाद आश्वासन मिला कि जल्द ही इन गांवों के नाम एग्रीस्टेक पोर्टल पर प्रदर्शित होंगे। समर्थन मूल्य पर धान बचने के लिए छत्तीसगढ़ के किसान, सहकारिता विभाग के अधीन पंजीयन कराते हैं। सहकारिता और कृषि विभाग को यह दायित्व सौंपा जाता है कि वह ज्यादा से ज्यादा किसानों का पंजीयन करें, ताकि पंजीयन के बाद किसान, समर्थन मूल्य पर धान बेचकर अच्छा मूल्य प्राप्त कर सकें। छत्तीसगढ़ में देश भर में सर्वाधिक समर्थन मूल्य 3100 रुपये प्रति क्विंटवल की दर पर सरकार धान की खरीदी करती है, लेकिन अब इस समर्थन मूल्य को प्राप्त करने के लिए किसानों को राज्य सरकार वाले पंजीयन के अलावा केंद्र सरकार की एग्रीस्टेक पोर्टल पर एक और पंजीयन कराना होगा। यह पंजीयन किसानों के लिए अनिवार्य कर दिया गया है। एक के बाद एक अलग-अलग प्लेटफार्म पर पंजीयन की जटिलता से किसान परेशान हैं। कृषि विभाग की ओर से दावा भी किया गया की समस्या दूर होगी, लेकिन इन सब में किसान परेशान हुए। किसानों का मानना है कि अलग-अलग तरह के पंजीयन की आवश्यकता ही क्या है। जब एक बार पंजीयन हो गया, तो वहीं से सारा डाटा केंद्र सरकार को प्रेषित कर दिया जाना चाहिए। सामान्य किसान हाईटेक नहीं होता। वह खेती किसानी में व्यस्त रहता है। खास तौर पर कोरबा जैसे आदिवासी जिले में ऑनलाइन माध्यम से पंजीयन कराना किसानों के लिए एक जटिल प्रक्रिया से गुजरने की तरह है। एग्रिस्टेक पोर्टल की जटिलता और समस्या को लेकर नगर पालिक निगम के किसानों ने कलेक्टर अजीत वसंत से शिकायत की थी। जिसमें उल्लेख किया गया कि धान विक्रय के लिए सभी कृषकों का एग्रीस्टेक पोर्टल में पंजीयन करना अनिवार्य है, परन्तु नगर निगम क्षेत्र में आने वाले ग्रामों का नाम पोर्टल में दर्ज नहीं होने के कारण हम सभी कृषकों का पंजीयन नहीं हो पाया है। ऐसे में हम सभी कृषकों के मध्य धान विक्रय कर पाने को लेकर असमंजस्य की स्थिति बनी हुई है। कृषि एवं राजस्व अधिकारियों के तरफ से कोई स्पष्ट जानकारी नहीं मिल पा रही है। अत: गांव दादरखुर्द, खरमोरा, ढेलवाडीह, बरबसपुर, रिस्दी, झगरहा, रिस्दा, रूमगरा, रामपुर का नाम एग्रीस्टेक पोर्टल में दर्ज कराएं।
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क्या है एग्रीस्टैक पोर्टल
एग्रीस्टैक पोर्टल भारत सरकार द्वारा शुरू किया गया एक डिजिटल प्लेटफॉर्म है। जो किसानों को विभिन्न सरकारी योजनाओं तक पहुँचने, ऋण प्राप्त करने, फसल बीमा कराने और बाज़ार की जानकारी प्राप्त करने में मदद करता है। यह भारतीय कृषि को डिजिटल बनाने का एक बड़ा हिस्सा है, जो किसानों के लिए एक एकीकृत डेटाबेस बनाता है और उन्हें वास्तविक समय में उपयोगी डेटा प्रदान करता है। छत्तीसगढ़ में, यह छत्तीसगढ़ किसान रजिस्ट्री के रूप में काम करता है, जिससे किसान विभिन्न सेवाओं का लाभ उठा सकते हैं।

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