कोरबा। मंगलवार को हुई सीबीएसई बोर्ड 10वीं गणित की परीक्षा को छात्रों और विशेषज्ञों ने संतुलित और सिलेबस आधारित बताया। कोरबा से करीब 4000 विद्यार्थियों ने परीक्षा दी। प्रश्नपत्र पांच खंडों में विभाजित था, जिसमें बहुविकल्पीय प्रश्न (एमसीक्यू), लघु उत्तरीय, केस स्टडी आधारित और दीर्घ उत्तरीय प्रश्न शामिल थे। विद्यार्थियों का कहना है कि सभी प्रश्न एनसीईआरटी पाठ्यक्रम के दायरे में थे। पेपर का प्रारूप पहले से जारी नमूना प्रश्नपत्र के अनुरूप रहा। विशेषज्ञों के अनुसार प्रश्न पत्र का स्तर मध्यम कठिनाई का था। स्टैंडर्ड गणित की तुलना में बेसिक गणित के प्रश्न अपेक्षाकृत थोड़े चुनौतीपूर्ण रहे, हालांकि समग्र रूप से परीक्षा संतुलित रही। बोर्ड की पूर्व योजना के अनुसार लगभग 50 प्रतिशत प्रश्न सीधे पाठ्यपुस्तक से नहीं थे, लेकिन पैटर्न की जानकारी और मॉडल पेपर के अभ्यास ने छात्रों को तैयार रखा। इसी कारण उन्हें हल करने में अधिक दिक्कत नहीं
आई। कुल 80 अंकों में से लगभग 45 अंकों के प्रश्न ऐसे थे जिन्हें औसत तैयारी वाले विद्यार्थी भी आत्मविश्वास के साथ हल कर सकते थे। करीब 15 अंकों के सवाल मेहनती छात्रों के लिए अनुकूल रहे, जबकि 20 अंकों के प्रश्न उच्च क्षमता और विश्लेषणात्मक सोच (एचओटी) वाले विद्यार्थियों के लिए थे। इनमें से तीन प्रश्न दैनिक जीवन से जुड़े व्यावहारिक परिदृश्यों पर आधारित थे, जिनमें अवधारणाओं की गहराई से समझ आवश्यक थी। प्रश्नपत्र का पहला खंड बहुविकल्पीय था, जिसमें सवाल लंबे और विश्लेषण आधारित थे। इन प्रश्नों को हल करने में समय अधिक लगा क्योंकि केवल सतही ज्ञान पर्याप्त नहीं था। विकल्पों का सही चयन करने के लिए सटीक गणना जरूरी रही। इसके विपरीत, केस स्टडी आधारित प्रश्न स्पष्ट और परिचित परिदृश्यों पर आधारित थे, जिनका अभ्यास विद्यार्थियों ने पहले किया हुआ था, इसलिए वे अपेक्षाकृत सहज लगे। लघु उत्तरीय प्रश्नों में सरल गणना और बेसिक पर जोर रहा। वहीं दीर्घ उत्तरीय प्रश्नों ने विद्यार्थियों को चरणबद्ध तरीके से समाधान प्रस्तुत करने का अवसर दिया। अधिकांश छात्रों का मानना है कि तीन घंटे का निर्धारित समय प्रश्नपत्र हल करने के लिए पर्याप्त था। बुधवार को सीबीएसई 12वीं बोर्ड की परीक्षा हुई।
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