Sunday, February 15, 2026

एसईसीएल और नीलकंठ की मनमानी, बिना मुआवजा खेत में छोड़ा पानी, एसईसीएल, नीलकंठ कंपनी के अधिकारियों पर एफआईआर की मांग

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एसईसीएल और नीलकंठ की मनमानी, बिना मुआवजा खेत में छोड़ा पानी, एसईसीएल, नीलकंठ कंपनी के अधिकारियों पर एफआईआर की मांग

 

कोरबा। बिना मुआवजा दिये ग्रामीणों के बोया हुआ खेती जमीन में नाली का मिट्टी वाला पानी छोडक़र भारी नुकसान पहुंचाने वाले एस.ई.सी.एल. कुसमुण्डा प्रबंधन और कार्यरत ठेका कम्पनी नीलकंठ के अधिकारी पर अपराधिक प्रकरण दर्ज करने की मांग पुलिस से की गई है। कुसमुंडा थाना प्रभारी को सौंपे गए आवेदन में बताया गया है कि ग्राम पंचायत रिस्दी विकासखण्ड कटघोरा स्थित धान बोया हुआ खेत में नाली का मिट्टी वाले पानी को जानबूझकर छोड़ा जा रहा है, जिससे खेत में हो रहे फसल को भारी नुकसान पहुंचा है। उक्त दुस्साहस कृत्य करने वाले एस.ई.सी.एल. प्रबंधक कुसगुण्डा और एसईसीएल में कार्यरत ठेका कम्पनी नीलकंठ साकार के अधिकारियों के द्वारा किया गया है।उक्त खेत में होने वाले एक साल की फसल से 3-4 साल तक अपने परिवार का भरण-पोषण कर जीवन यापन करते आ रहे हैं।
उक्त खेत में होने वाले फसल के लिए एस.ई.सी.एल. प्रबंधन के द्वारा यह कहा जाता है कि आपका जमीन को वर्ष 2009 एवं 2010 में अधिग्रहण कर लिया गया है किंतु न तो अभी तक मुआवजा दिया गया है और न ही रोजगार व बसाहट दिया गया, केवल कागज पर अधिग्रहण किया है जो कि कानूनन गलत है। इनके द्वारा बार-बार भयभीत एवं परेशान किया जाता है।कभी-कभी भारी ब्लास्टिंग करके घर में दरार पहुंचाकर एवं जल स्तर को भी इनके खदान करीब आने के कारण निम्न जल स्तर कर भयभीत किया जा रहा है। अभी खेती का फसल को भारी नुकसान पहुंचाकर ताकि हम औने-पौने दाम में इनको जमीन दे दें और गांव छोडक़र चले जाएं यही उनका उद्देश्य है। ग्रामीणों ने मांग की है कि इस तरह से भारी नुकसान पहुंचाने वाले एस.ई.सी.एल. एवं ठेका कम्पनी नीलकंठ साकार के अधिकारी के विरुद्ध अपराधिक प्रकरण दर्ज करने की अत्यंत आवश्यकता है तभी आदिवासियों का जीवन सुरक्षित होना सम्भव है।

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