करवाचौथ को लेकर बाजार गुलजार, दुकानों में लगी महिलाओं की भीड़, पूजन और श्रृंगार सामग्रियों की हुई जमकर खरीदारी
कोरवा। करवाचौथ का व्रत रविवार को है और इस अवसर पर बाजारों में महिलाएं खरीदारी करने में व्यस्त हैं। बाजारों में भीड़-भाड़ देखने को मिल रही है, जहां महिलाएं चूड़ियां खरीदने के साथ-साथ मेहंदी भी लगवा रही हैं। बाजार में चूड़ियों की दुकानें, मेहंदी की डिजाइनर स्टॉल्स और विभिन्न प्रकार के कपड़ों की रौनक ने माहौल को खुशनुमा बना दिया है। महिलाएं अपने पारंपरिक पहनावे के साथ-साथ खूबसूरत चूड़ियों का चयन कर रही हैं। कई दुकानदारों ने विशेष डिस्काउंट और ऑफर भी दिए हैं।खरीदारी और भी उत्साहजनक हो गई है। इसके अलावा, मेहंदी लगवाने के लिए भी लंबी कतारें देखी जा रही हैं। महिलाएं अपने हाथों पर मेहंदी की खूबसूरत डिजाइन बनवाने के लिए उत्सुकता से इंतजार कर रही हैं। दुकानदारों ने अपने स्टॉल्स को आकर्षक तरीके से सजाया है और विशेष रूप से करवाचौथ के लिए तैयार किए गए सामान की प्रदर्शनी लगाई है। महिलाओं की खरीदारी और उत्साह ने बाजारों में रौनक बढ़ा दी है, जिससे यह साफ झलकता है कि करवाचौथ का पर्व कितनी खुशी और उमंग के साथ मनाया जा रहा है।महिलाएं इस खास दिन के लिए विशेष तैयारियों में जुटी हैं। चूड़ियों के विभिन्न रंगों और डिजाइन की विविधता ने महिलाओं को आकर्षित किया है। सुहागिनों का खास त्योहार करवा चौथ 20 अक्टूबर को है। कोरबा के बाजारों में इस समय मेहंदी लगवाने के लिए दुकानों पर महिलाओं की भीड़ लगी है। इस बार सबसे अलग-अलग किस्म की मेहंदी लगवाने को लेकर सुहागिनों में उत्साह नजर आ रहा है। कार्तिक मास की कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को करवा चौथ का व्रत रखा जाता है। सुहागिनें पति की लंबी उम्र के लिए यह व्रत रखती हैं। सोलह शृंगार करके चांद को अर्ध्य देकर सुहागिनें व्रत खोलती है। इन दिनों मेहंदी लगवाने के लिए बाजारों में दुकानें सजी हुई हैं। दोपहर बाद खरीदारी के साथ देर शाम तक महिलाएं मेहंदी भी लगवा रही हैं। करवा चौथ आते ही बाजार में तरह-तरह की आकर्षक डिजाइन की मेहंदी लगाने वाले डिजाइनर्स के व्यापार को तो मानो इस समय संजीवनी ही मिल गई हो। मेहंदी लगाने वाले दुकानदार महिलाओं को केटलॉग से डिजाइन दिखाकर मेहंदी लगवा रहे हैं। दुकानों में हर दिन लगातार भीड़ बढ़ रही है। कोई अपने पति का नाम हाथ पर पर तो कोई हाथों पर ऊपर तक मेहंदी लगवा रही हैं। शहर से लेकर देहात तक की महिलाएं मेहंदी लगवाने के लिए दुकानों पर पहुंच रही हैं। महिलाओं ने बताया कि पुराने समय से चली आ रही परम्परा के तहत वे अपने पति की लंबी उम्र की कामना करने के लिए वे पूरे साजो श्रृंगार के साथ सुबह से रात तक बिना कुछ खाएं पीए इस व्रत को रखती हैं, और देर रात चांद निकलने के बाद ही अपने पति के हाथ से पानी पीकर व्रत को पूरा करती है।
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