Sunday, February 22, 2026

किसानों की मेहनत से बंजर जमीन पर लौटी हरियाली, छह साल तक पौधों की सेवा जतन, अब लगे फल

Must Read

किसानों की मेहनत से बंजर जमीन पर लौटी हरियाली, छह साल तक पौधों की सेवा जतन, अब लगे फल

कोरबा। विकासखंड पोड़ी उपरोड़ा के कई किसानों ने अपनी मेहनत के बल पर बंजर भूमि को आबाद कर दिया है। लगभग छह साल तक पौधों की सेवा जतन किया। नियमित रूप से पानी डाला और पौधों के वृद्धि के लिए सभी उपाय किये गए। धीरे-धीरे पौधे पेड़ बन गए। उसकी बाड़ी में आम के सैकड़ों पेड़ लगे हैं। इस साल गर्मी के मौसम में अधिकांश पेड़ों में आम के फल लगे हैं। अब इस भूमि पर आम के पेड़ लगे हैं और एक बड़े क्षेत्रफल में सब्जी की खेती हो रही है। इससे किसानों की आमदनी में बढ़ोत्तरी हुई है। गांव की हरियाली भी बढ़ी है। यह संभव हुआ है किसानों की कड़ी मेहनत से। विकासखंड पोड़ीउपरोड़ा के गांव बनवार में रहने वाले किसानों ने बताया कि वर्ष 2016-17 में उन्होंने बाड़ी विकास कार्यक्रम के तहत अपने खेत में आम और काजू के पौधे लगाए थे।किसान को उम्मीद है कि इस साल आम की कमाई से उसकी आर्थिक स्थिति में काफी बदलाव होंगे। विश्राम सिंह के साथ-साथ गांव में रहने वाले अन्य किसानों को भी नाबार्ड के बाड़ी विकास कार्यक्रम से लाभ मिला है। किसानों ने 10 एकड़ में आम के पौधे लगाए हैं। साथ-साथ काजू के पौधे भी रोपे गए थे जो अब फल देने लगे हैं। किसानों ने बताया कि इस साल काजू के फल 100 रुपए किलो बिक रहे हैं। प्रोसेसिंग के बाद काजू की कीमत बाजार में 600 रुपए प्रतिकिलो से अधिक हो जाती है। किसानों ने यह भी बताया कि समय के साथ काजू के पेड़ों में फल अधिक आ रहा है। पेड़ जब छोटे थे तब फल कम लग रहे थे। पेड़ बड़े होने के साथ ही इसमें फल भी अधिक लग रहे हैं।इस साल आम के फल कम लगे हैं लेकिन बाड़ी में लगे पेड़ों में आम के फल पिछले साल की तरह सामान्य है। उम्मीद है कि इस साल आम के भाव अच्छे मिलेंगे। फल कम होने के कारण भाव थोक में 40 रुपए प्रति किलो के आसपास रहने की संभावना है। किसानों की बाड़ी में सबसे अधिक दशहरी प्रजाति के आम लगे हैं।

Loading

Latest News

पति के हमले में घायल हुई पत्नी की मौत

कोरबा। चरित्र शंका के कारण घरेलू विवाद पर कमरा बंद करके पति द्वारा चापड़ से किए गए हमले से...

More Articles Like This