कोरबा कुसमुंडा मार्ग पर जाम को लेकर चक्काजाम की चेतावनी, सात दिन का अल्टीमेटम फिर होगा आंदोलन
कोरबा। एक समय था जब कोरबा कुसमुंडा मार्ग टू लेन हुआ करता था। तब बमुश्किल कभी कभी कभार जाम की स्थिति निर्मित होती थी। वाहन जैसे तैसे निकल जाया करती थी, आज यही सड़क फोर लेन बन गई है, बावजूद इसके यहां हर दिन ऐसा जाम लग रहा की लोगों को अपना रास्ता बदलना पड़ रहा है। अधिकांश लोग मजबूरीवश इस मार्ग पर चल रहे हैं। वह भी घंटों यहां जाम में फंसे रहते हैं। जाम की विकराल समस्या को लेकर आंदोलन की चेतावनी दी गई है।
नगर निगम की एल्डरमैन गीता गभेल ने चेतावनी भी दी है कि सप्ताह भर के भीतर इस समस्या का समाधान नहीं होता तो अनिश्चितकालीन चक्का जाम प्रदर्शन किया जाएगा। बीते शुक्रवार को कलेक्टर ने ट्रांसपोर्टरों व अधिकारियों की एक बैठक ली, जिसमें उन्होंने कुसमुंडा क्षेत्र में आमजनों के बेहतर आवागमन के लिए एक लेन खाली रखने सख्त निर्देश दिए है। हालांकि अब यह देखना होगा कि इस आदेश का पालन किस तरह से होता है। इसी कोरबा नगर निगम की एल्डरमैन गीता गभेल ने कोरबा कलेक्टर को पत्र लिखा है जिसमें उन्होंने कुचेना मोड़ से बरमपुर सर्वमंगला चौकी तक लगने वाले जाम के विरुद्ध चक्का जाम करने की बात कही है। उनका कहना है कि प्रतिदिन कुसमुण्डा कुचैना मोड़ से बरमपुर मोड़ तक इतना जाम रहता है कि कार, मोटर साईकल तो दूर की बात है, लोगों का चलना भी बंद हो गया है।कुसमुण्डा परियोजना की ट्रक अपने गंतव्य बेरियर से ना जाकर के सब इधर उधर से गाडियों को बेरियर से अंदर करवाते हैं। गेवरा – दीपका की भी गाड़िया कुसमुण्डा के एक मात्र चौक इमली छापर से होकर के गुजरती है। जबकि वाहन गेवरा, दीपका खदान के लिए अन्यत्र रास्ते से भी जा सकती है। स्कूल के बच्चों की अर्धवार्षिक परिक्षा चल रही हैं, जो कि बच्चे स्कूल नहीं जा पा रहे हैं। एम्बुलेन्स भी इस जाम में फंस रहे है। बाकी जरूरत की हर छोटी-बड़ी कामों के लिए हम क्षेत्र वासियों को कोरबा जाना पड़ता है। शिव मंदिर चौक से कुचैना मोड़ तक के दुकान के सामने ट्रकों के खड़े रहने से समस्या बढ़ गई है। एसईसीएल कुसमुण्डा के अधिकारी बार- बार एन्ट्री बंद (अपना बेटीयर बंद) कर के क्षेत्र के लोगो को जाम के लिए छोड़ देते है, और सभी गाड़िया एवं ट्रको अब तो कालोनीयों में से जाने लगी हैं जो कभी भी जन-हानि को न्यौता दे रही है।
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