Monday, February 16, 2026

खदान से लदान प्वाइंट तक हाइटेक तरीके से पहुंचेगा कोयला, एसईसीएल खर्च कर रहा 544 करोड़ रुपए

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खदान से लदान प्वाइंट तक हाइटेक तरीके से पहुंचेगा कोयला, एसईसीएल खर्च कर रहा 544 करोड़ रुपए

कोरबा। कोयला लादान को हाइटेक बनाने के लिए एसईसीएल प्रबंधन लगा हुआ है। इसके तहत खदान के भीतर से साइलो तक कोयला लाने के लिए इन पिट कन्वेइंग सिस्टम तैयार किया जा रहा है।इस कार्य पर लगभग 544 करोड़ रुपए खर्च होने का अनुमान है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर एसईसीएल मुख्यालय की नजर है। यह परियोजना कोल इंडिया की फस्ट माइल कनेक्टिविटी का हिस्सा है। पिछले दिनों कंपनी के तकनीकी निदेशक सह योजना परियोजना एसएन कापरी ने कुसमुंडा खदान का दौरा किया। इन पिट कन्वेइंग सिस्टम के निर्माण कार्य को देखा। इसे समस सीमा में पूरा करने के लिए कहा। उम्मीद जताई कि इन पिट कन्वेइंग सिस्टम का काम इस साल के अंत तक पूरा कर लिया जाएगा। इसके तहत कुसमुंडा खदान में दो आरसीसी बंकर का निर्माण किया जाना है। यहां से 40 हजार टन कोयला बंकर के जरिए कन्वेयर बेल्ट होकर साइलो तक पहुंचेगा। साइलो से कोयला मालगाड़ी के डिब्बों में भरा जाएगा। इन पिट कन्वेइंग सिस्टम की लंबाई 10 किलोमीटर होगी। बंकर से साइलो के बीच दो कन्वेयर बेल्ट बिछाई जाएगी। प्रबंधन के एक अधिकारी ने बताया कि कुसमुंडा खदान की फेस से कोयला बंकर से होकर इन पिट कन्वेइंग सिस्टम के जरिए साइलो तक पहुंचेगा। इससे खदान के भीतर से कोयला लेकर स्टॉक तक आने वाली गाडिय़ों की संख्या में कमी आएगी। फेस से कोयला खदान के भीतर ही बंकर में गिरेगा। यहां से कन्वेयर बेल्ट के जरिए साइलो को दिया जाएगा।प्रबंधन का कहना है कि इन पिट कन्वेइंग सिस्टम तैयार होने से कोल डस्ट को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी। लोडिंग में तेजी आएगी। रेल रैक के जरिए होने वाला परिवहन आसान हो जाएगा।

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