कोरबा। ऊर्जाधानी अवैध डीजल और कबाड़ चोरी के लिए कुख्यात है। पुलिस का दावा है कि पिछले कुछ समय से यहां सभी तरह के अपराध बंद हैं, लेकिन इसी बीच शहर से एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है। शहर के बीचों बीच स्थित वार्ड नंबर 17 ढोढ़ीपारा में रशियन हॉस्टल के समीप नहर के ऊपर से पुल की चोरी हो गई है। यह लोहे का पुल सिंचाई विभाग ने दशकों पहले नहर के ऊपर बनाया था, जो सामान्य लोगों के आवागमन के काम आता था। चोरों ने पुलिस को चुनौती देते हुए इस लोहे के पुल को रातों-रात गायब कर दिया है, जिससे लोग परेशान हैं। स्थानीय पार्षद ने इसकी शिकायत पुलिस से की है। जिसके बाद पुलिस ने पुल की तलाश शुरू कर दी है।
जिस लोहे के पुल की चोरी की गई है, उसकी लंबाई लगभग 60 फीट है और वजन 10 से 15 टन के बीच है। जिसकी कीमत अवैध मार्केट में भी लाखों में आंकी जा रही है। सिर्फ इस पुल को ही नहीं बल्कि रशियन हॉस्टल के समीप ढेंगुरनाला के ऊपर से नगर पालिक निगम द्वारा जल आवर्धन योजना के तहत पानी सप्लाई के लिए एक पाइप लाइन बिछाई है। जिसकी मोटाई काफी अधिक है। इस पाइपलाइन के जरिए ही शहर में पानी की सप्लाई की जाती है। नाले के एक छोर से दूसरे छोर तक पाइपलाइन को बिछाने के लिए लोहे का पुल खड़ा किया गया है। एंगल लगाकर इसे सुरक्षा दी गई है। इस पुल से भी लोहे के एंगल की चोरी की गई है। 10 से 15 फीट की दूरी तक लोहे के एंगल काटकर चोर कर ले गए हैं। चोरों की इस हिमाकत पर स्थानीय लोगों में आक्रोश है, तो पुलिस के प्रति नाराजगी भी। रातों-रात पूरा का पूरा पुल चोरी होने से लोग हैरान हैं। चोरों ने पुल काटने के लिए चोरों ने गैस कटर का इस्तेमाल किया है। लोहे को काटे जाने के तरीके से इसकी पुष्टि हो रही है। पुल को काटने के बाद इसे कई टुकड़ों में बांटकर गायब किया गया है। पाइपलाइन बिछाने के लिए बनाया गया पुल हो या फिर सामान्य लोगों के आवागमन के लिए चोरी किया गया पुल, दोनों को गायब करने के मामले में पुलिस और सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा प्रश्नचिन्ह लग रहा है। पुलिस की मुस्तैदी और रात्रि गश्त भी सवालों के घेरे में है। स्थानीय पार्षद लक्ष्मण श्रीवास ने पुल के चोरी हो जाने की शिकायत पुलिस में की है। पार्षद श्रीवास का कहना है कि जीवन में पहली बार इस तरह की चोरी कोरबा में देखी है। पुलिस से इस मामले की शिकायत की है। पुलिस भी हैरान है, मोहल्ले के लोगों के लिए आवागमन के लिए पुल को बनाया गया था जिससे लोग आना-जाना करते थे। अब लोगों को घूमकर दूसरी तरफ से जाना पड़ रहा है। हमने वार्ड के लोगों के साथ मीटिंग की और यह तय किया कि एसपी से शिकायत करेंगे। पुलिस ने जांच के आदेश दिए हैं। स्थानीय पार्षद कहते हैं कि मामला कलेक्टर के भी संज्ञान में है। अब देखते हैं किस तरह से इस मामले में कार्रवाई होती है। इधर पुलिस कह रही है कि अवैध कोयला, डीजल की चोरी और कबाड़ की चोरी पर लगाम लगा दिया गया है। यदि चोरी नहीं हो रही है, तो इस पुल को किसने चुराया। कबाड़ आखिर कौन खरीद रहा है। चोर इस तरह की हिमाकत करते हुए चोर चोरी कर रहे हैं। इस पर कार्रवाई की जानी चाहिए। पुलिस का कहना है कि पार्षद के माध्यम से पुल के चोरी हो जाने की शिकायत मिली है। यह एक काफी पुराना छोटा सा एक ब्रिज था, जिसे चोरी किया गया है। शिकायत पर बीएनएस की धाराओं के तहत अपराध कायम कर लिया गया है। आगे की कार्रवाई की जा रही है।
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