गांव में नहीं है बिजली, हाथियों से जानमाल का खतरा, वनांचल से जिला मुख्यालय पहुंचे दर्जनों पहाड़ी कोरवा, कहा करेंगे चुनाव बहिष्कार
कोरबा। कोरबा जिला औद्योगिक नगरी है। इसे ऊर्जा नगरी के नाम से जाना जाता है। कोरबा के बिजली से देश प्रदेश रोशन हो रहे हैं। मगर यह विडंबना है कि आज भी वनांचल गांव में रोशनी नहीं पहुंची है। हाथी प्रभावित क्षेत्रों में बिजली नहीं होने से जान माल का खतरा बना हुआ है। जिससे पीड़ित पहाड़ी कोरवा दर्जनों की संख्या में कलेक्टर से गुहार लगाने पहुंचे थे। उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर गांव तक विकास नहीं पहुंची तो भी आगामी चुनाव का बहिष्कार करेंगे। विकासखंड कोरबा अंतर्गत ग्राम पंचायत केराकछार के
बगधरी- डांड़, सरडीह, खोरी भौना ढाबाडांड़, लालमाटी मोहल्ला में बिजली नहीं पहुंची है। इन गांवों में पहाड़ी कोरवा और अन्य ग्रामीण निवास करते हैं। जिन लोगों को अंधेरे में रहना पड़ता है। जंगली जानवर, हाथी गांव पारा टोला में पहुंच जाता है। अंधेरा होने के कारण मोहल्ले में घुस जाता है। तोड़- फोड़ करता है। जिससे जान-माल का खतरा बना रहता है। ग्रामीणों ने कलेक्टर से गुहार लगाते हुए कहा है कि गांव में अंधेरा रहने के कारण रात के समय खासकर हाथी नजर नहीं आते। गांव के आसपास घने जंगल है जहां हमेशा हाथियों की सक्रियता बनी रहती है। उन्होंने प्रभावित गांव पारा टोला और मोहल्ला में विद्युतीकरण की मांग की है। मांग पूरी नहीं होने पर उन्होंने चुनाव बहिष्कार की चेतावनी दी है। शिकायत लेकर पहुंची एक महिला ने यहां तक कहा कि जो जनप्रतिनिधि वोट मांगने आएगा उसे भी हम बताएंगे। महिला ने बताया कि वे जिला प्रशासन के पहले जनपद पंचायत कोरबा में भी शिकायत कर चुके हैं। सरपंच सचिव को भी समस्या बता चुके हैं। इसके बाद भी उनकी समस्याओं का निराकरण नहीं किया जा रहा है।
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नहीं है स्कूल और आंगनबाड़ी
शिकायत लेकर पहुंचे ग्रामीण ने बताया कि गांव में जहां बिजली नहीं है, वहीं स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र तक नहीं है। गांव के बच्चे पढ़ने तो चाहते हैं मगर स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र नहीं होने के कारण में पढ़ नहीं पाते। एक महिला ने बताया कि अन्य शासकीय योजनाओं का लाभ भी उन्हें नहीं मिल रहा है। विधवा पेंशन और प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ भी नहीं मिला है।
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