Thursday, January 22, 2026

ग्रामीणों ने खदान में किया प्रदर्शन, जमीन के बदले रोजगार की मांग

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ग्रामीणों ने खदान में किया प्रदर्शन, जमीन के बदले रोजगार की मांग

कोरबा। एसईसीएल कुसमुंडा प्रबंधन की परेशानी कम होने का नाम ही नही ले रहा है। यहां भूविस्थापितों द्वारा अपनी मांगो को लेकर खदान बंद करने सहित मुख्यालय में प्रदर्शन करने का सिलसिला लगातार जारी है। जिसके चलते कोयला उत्पादन मेें बांधा आ रही है। दूसरी तरफ कोल इंडिया की मिनीरत्न कंपनी एसईसीएल का यह मेगा प्रोजेक्ट कोयला उत्पादन के लक्ष्य से पिछड़ रही है। हालाकि प्रबंधन की ओर भूविस्थापितों की ओर आश्वासन दिया जा रहा है, लेकिन वे मान नही रहे है। वे अपने मांगो को लेकर प्रदर्शन करने से नही चुकते। कुसमुंडा खदान के भूविस्थापितो ने जमीन के बदले रोजगार की मांग को लेकर कुसमुंडा खदान में प्रदर्शन किया और खदान बंदी आंदोलन शुरू की। जिससे फेस से कोयला उत्पादन एवं डिस्पेच संबंधी कामकाज प्रभावित हो गया। रोजगार एकता संघ के बेनर तले आयोजित इस आंदोलन में कुसमुंडा खदान से प्रभावित गांव खमरिया , जरहजेल, बरपाली, भैसमाखार, मनगांव, जटराज, बरकुटा के बड़ी संख्या में भूविस्थापित शामिल हुए और एसईसीएल प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारे बाजी करते हुए खदान के भीतर धरने पर बैठ गए। भूविस्थापितों का आंदोलन सुबह 5 बजे शुरू हुआ और 10 बजे तक चला। इस दौरान प्रबंधन को जानकारी मिलने पर डिप्टी मैनेजर रेंज के अधिकारी को बातचीत के लिए भेजा। उन्होंने भूविस्थापितो से चर्चा की और आश्वासन दिया जिसपर भूविस्थापित माने और अपनी आंदोलन समाप्त कर वापस लौटे।

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