दीपोत्सव पर हुई मां लक्ष्मी की पूजा, जमकर हुई आतिशबाजी
घरों में की गई सजावट, बनाई गई रंगोली
कोरबा। रविवार को दीपोत्सव पर शाम होते ही पूरा शहर आकर्षक झालरों व दीयों से जगमगा उठा। शहर की रौनक सुबह होते ही शुरु हो गई थी, जो की देर रात तक चलती रही। मानो मां लक्ष्मी साक्षात् घर-घर में विराजी हों। इससे पहले शनिवार को भी बाजारों में खासी चहल-पहल देखी गई। खासकर पटाखों के दुकानों में देर शाम तक खरीदारी होती रही।इस वर्ष 12 नवंबर को दिवाली पर मां लक्ष्मी की पूजा के लिए 2 शुभ मुहूर्त थे। पहला शुभ मुहूर्त शाम के समय यानी प्रदोष काल जबकि दूसरा शुभ मुहूर्त निशिथ काल में रहा।
लक्ष्मी पूजन पर गेंदे की माला का विशेष महत्व रहता है। सुबह से ही चौक-चौराहो में बिक्री शुरु हो गई थी। गेेंदे की माला, कमल फुल, केले के पौधे सहित दूसरे फुलों की बिक्री विशेष प्रकार से हुई। खासकर टीपीनगर चौक, सुभाष चौक, घंटाघर चौक, कोसाबाड़ी चौक, सहित अन्य क्षेत्रों में अधिक बिक्री हुई। दीपोत्सव को देखते हुए कीमत में भी खासा इजाफा हो चुका था। एक माला की कीमत 50 रुपए से भी अधिक रही।शुक्रवार को जहां धनतेरस को आभूषणों, वाहन व दूसरे सामान की बिक्री हुई। वहीं नरकचौदस पर पूजन सामग्री की बिक्री चलती रही। शहर सहित उपनगरीय क्षेत्र में पूजन सामग्री, फल-फुल, बतासे, सहित अन्य सामानों की ब्रिकी खुब हुई।इस बार लोगो ने घरों की सजावट के लिए विद्युत सज्जा पर खासा जोर दिया । छोटी-छोटी लाइटें बड़ों ने बच्चों की पसंद से खरीदी । घर के द्वार से लेकर, आंगन, छत्त को जगमग किया गया था । चाइनीज लाइटों के अलावा नई वैराइटियों के लाइट भी आकर्षित करते रहे। दीपावली को लेकर जमकर आतिशबाजी हुई।
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