पसान परियोजना में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता भर्ती में अनियमितता, स्थानीय की जगह गैर स्थानीय को नियुक्त करने की शिकायत, आवेदकों ने सूची निरस्त करने की मांग, नहीं तो तालाबंदी
कोरबा। महिला एवं बाल विकास विभाग में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के पद पर हो रही भर्ती में नियम कायदों की अनदेखी कर अपात्रों की नियुक्ति का मामला सामने में आया है । पसान परियोजना के ग्राम पंचायत अमलीकुंडा के ग्राम घनरास के खुर्रूपारा में मिनी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के पद पर स्थानीय की जगह गैर स्थानीय आवेदक का नियुक्ति करने का गम्भीर आरोप परियोजना अधिकारी पर लगा है। चयन के लिए पात्र आवेदकों ने माह में दूसरी बार कलेक्टोरेट पहुंचकर गैर स्थानीय आवेदक की नियुक्ति निरस्त करने की मांग की है। जनपद सदस्य के साथ पहुँचे आवेदकों के समर्थन में पहुंचे दर्जनों ग्रामीणों ने शीघ्र उचित कार्रवाई नहीं होने पर आंगनबाड़ी केंद्रों में तालाबंदी की चेतावनी दी है। क्षेत्र क्रमांक 11 पुटीपखना की जनपद सदस्य श्रीमती गीता मार्को के नेतृत्व में सोमवार को कलेक्टोरेट पहुंचे आवेदक सुमित्रा एवं कौशिल्या ने शिकायत पत्र में उल्लेख किया है कि ग्राम धनरास के आश्रित मोहल्ला खुर्रूपारा में मिनी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता का पद रिक्त था। जिसके लिए स्थानीय एवं गैर स्थानीय आवेदकों से आवेदन आमंत्रित किए गए थे। आवेदकों ने शिकायत पत्र में उल्लेख किया है कि मूल ग्राम धनरास के खुर्रूपारा से आवेदन प्राप्त होने के बाद भी महिला एवं बाल विकास विभाग पसान की परियोजना अधिकारी ने सांठगांठ कर फर्जी तरीके से गैर स्थानीय अमलीकुण्डा निवासी आवेदिका श्रीमती गीता श्याम की नियुक्ति कर दी है। ग्राम धनरास के मोहल्ला खुर्रूपारा को राजस्व ग्राम होने के बाद भी स्थानीय आवेदकों को प्राथमिकता नहीं दी गई है जो कि नियम विरुद्ध है। आवेदकों ने नियम विरुद्ध नियुक्ति आदेश निरस्त कर स्थानीय आवेदकों की नियुक्ति करने की मांग की है। ग्रामीणों ने शीघ्र उचित कार्रवाई नहीं होने पर आंगनबाड़ी केंद्रों में तालाबंदी की चेतावनी दी है।मामले में पूरे महकमे में हडक़म्प मचा है। हालांकि अधिकारियों की माने तो पंचायत से स्थानीय निवासी का प्रमाण पत्र आवेदक द्वारा संलग्न किया गया था। जिसे निरस्त करने का अधिकार उनका नहीं है ,अगर आवेदकों को लगता है कि निवास प्रमाण पत्र अमान्य हैं तो कलेक्टर न्यायालय में इसे चुनौती दे सकते हैं।
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क्या कहता है नियम
जानकारी अनुसार स्कूल कॉलेज के छात्र छात्राओं की शिक्षा की राह में निवास प्रमाण पत्र आड़े न आए इस हेतु जरूर शासन द्वारा दी गई रियायत अनुसार पंचायतों को निवास प्रमाण पत्र जारी करने का अधिकार है, लेकिन रोजगार संबंधी मामलों में यह अधिकार पंचायत को नहीं है । इसके लिए तहसील कार्यालय से जारी निवास ही मान्य है।
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