कोरबा। महिला एवं बाल विकास विभाग की पाली परियोजना के ग्राम पोटापानी में बाल विवाह होने का एक मामला सामने आने पर विभागीय अमले ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उसे रुकवा दिया है। मामले में सूचना मिली थी कि जिस लड़के की शादी तय हुई है वह नाबालिग है। मौके पर टीम ने पहुंचकर दस्तावेजों की जांच करते हुए शिकायत सही पाए जाने की पुष्टि की। पुष्टि के उपरांत पर्यवेक्षक, आईसीपीएस टीम एवं थाना प्रभारी पाली के संयुक्त दल ने मौके पर पहुंचकर हस्तक्षेप किया गया। संयुक्त दल द्वारा संबंधित परिवारजनों एवं ग्रामीणों को बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम, 2006 के प्रावधानों की जानकारी दी गई तथा बाल विवाह के कानूनी दुष्परिणामों से अवगत कराया गया। दल के प्रयासों से नाबालिक बालक का विवाह सफलतापूर्वक रुकवाया गया। साथ ही परिवार को यह स्पष्ट रूप से समझाया गया कि बाल विवाह न केवल कानूनन अपराध है, बल्कि इससे बच्चों के शारीरिक, मानसिक एवं सामाजिक विकास पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। संबंधित पक्षों को भविष्य में इस प्रकार की पुनरावृत्ति न करने हेतु समझाइश दी गई एवं आवश्यक परामर्श भी प्रदान किया गया। इस दौरान पर्यवेक्षक ज्योति सोनी, पुलिस विभाग से एएसआई हुसैन खान और आरक्षक हेमंत कुर्रे, पंचायत सचिव कृष्णा यादव, चाइल्ड लाइन से अमित खैरवार उपस्थित थे।
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