प्रीपेड मीटर में खपत के अनुबंध के हिसाब से प्रति यूनिट दर का निर्धारण, बिजली की बचत करने उपभोक्ता होंगे जागरूक
कोरबा। प्रीपेड मीटर पर हर आधे घंटे में पीक डिमांड का पता चलने से यह एक समय में अनुबंध से अधिक होने पर बिजली की बचत करने उपभोक्ता जागरूक होंगे। बिजली उपकरणों का इस्तेमाल कम कर इसे अनुबंध के दायरे में सीमित रखेंगे। अनुबंध से अधिक खपत होने पर यूनिट स्लैब की दरों में परिवर्तन होने के साथ ही जुर्माना भरने का प्रावधान लागू किए जाने की चर्चा है। बिजली उभोक्ताओं के घरों में लगा रहे नया प्रीपेड मीटर में हर आधे घंटे की पीक डिमांड देख पाएंगे। जिन घरों में यह मीटर लग चुके हैं अभी ये पोस्टपेड ही हैं। लेकिन यह मीटर प्रीपेड होने के बाद रिचार्ज सिस्टम से घर की बिजली की खपत के अनुसार पिछला बिल बकाया होने पर रिचार्ज से कटेगी। रिचार्ज से हर महीने उपभोक्ताओं के बिजली बिल बकाया होने पर 10 से 20 फीसदी राशि कटौती की योजना बन रही है। बिजली खपत के हिसाब से उपभोक्ताओं से वितरण कंपनी मीटर लगाने के समय ही अनुबंध कर प्रति यूनिट दर का तय स्लैब के अनुसार निर्धारण करती है। बिजली लोड बढ़ने पर तय अनुबंध में बदलाव किया जाता है और नई यूनिट स्लैब के हिसाब से बिजली बिल जारी किए जाते हैं। घरेलू समेत अन्य श्रेणी के उपभोक्ताओं के पुराने मीटर को बदलकर नया प्रीपेड मीटर लगाने लगभग दो साल का समय लगेगा। बिजली उपभोक्ताओं के पंजीकृत मोबाइल पर रिचार्ज से संबंधित मैसेज आने के बाद नया मीटर प्रीपेड होने पर घर की बिजली खपत के हिसाब से पहले रिचार्ज कराना होगा। इसके बाद ही बिजली का उपयोग कर पाएंगे। अभी जो व्यवस्था है उसमें बिजली का इस्तेमाल करने के बाद अगले महीने खपत के अनुसार बिल का भुगतान करना होता है। इस कारण समय पर बिजली जमा नहीं करने से कई उपभोक्ताओं के बिल बकाया है। किश्तों में इसका भुगतान उपभोक्ताओं को करने की सुविधा दिया जाएगा। रिचार्ज से ही 10 से 20 फीसदी राशि कटौती करने की योजना बिजली कंपनी बना रही है।
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