कोरबा। वरिष्ठता सूची पर बोर्ड ऑफ डायरेक्टर (बीओडी) से अप्रूवल मिलने के बाद भी राज्य बिजली उत्पादन कंपनी के कर्मचारियों की पदोन्नति प्रबंधन ने अटका रखी है। इससे उत्पादन कंपनी के एक हजार कर्मचारियों को उचित निर्णय लेने का अब भी इंतजार है। दूसरी ओर वितरण व ट्रांसमिशन कंपनी ने इस पर कर्मचारियों को पदोन्नति का लाभ देने पहल शुरू कर दी है। राज्य बिजली कंपनी के नियमित कर्मचारियों को पदोन्नति का लाभदिलाने वरिष्ठता सूची तैयार की गई है। इस पर बोर्ड ऑफ डायरेक्टर से अप्रूवल मिल चुका है। पदोन्नति के मामले में 2004 की स्थिति में वरिष्ठता सूची तैयार की गई है। बीओडी से अनुमोदन के बाद अब पदोन्नति की प्रक्रिया पूरी की जाएगी, लेकिन इसमें लेटलतीफी हो रही है। इससे उत्पादन कंपनी के कर्मचारियों को लाभ मिलने की आस अधूरी है। बीएमएस से संबद्ध छत्तीसगढ़ बिजली कर्मचारी संघ-महासंघ समेत दूसरे कर्मचारी संगठनों ने कर्मचारियों के समय-समय पर पदोन्नति के मुद्दे को उठाया है। वितरण व ट्रांसमिशन कंपनी में पदोन्नति की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है, मगर उत्पादन कंपनी के कर्मचारी अभी भी वंचित है। इससे कर्मचारियों में भी आक्रोश है।
निर्णय लेने में लेटलतीफी से कर्मचारियों में है आक्रोश
बीएमएस के उद्योग प्रभारी राधेश्याम जायसवाल ने कहा कि उत्पादन कंपनी में बिजली कर्मचारियों के पदोन्नति के मामले में निर्णय लेने में लेटलतीफी से कर्मचारियों में आक्रोश है। वितरण व ट्रांसमिशन कंपनी में कर्मचारियों को पदोन्नति का लाभ देने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। उत्पादन कंपनी के लगभग एक हजार कर्मचारियों को पदोन्नति का इंतजार है। संगठन ने पुरानी पेंशन योजना की बहाली की मांग उठाई है।
मानदेय बढ़ाने के बाद दूसरे मुद्दे पर हो चुकी चर्चा
राज्य बिजली कंपनी में संविदा कर्मियों की सेवाएं यथावत रखने और मानदेय बढ़ाने के निर्णय के बाद बीएमएस से संबद्ध छत्तीसगढ़ बिजली कर्मचारी संघ-महासंघ के प्रतिनिधि मंडल ने नियमित कर्मचारियों के मुद्दे उठाए। इस पर सकारात्मक चर्चा के बाद महासंघ ने वर्क टू रूल आंदोलन स्थगित किया था। लंबित मुद्दे पर कर्मचारियों के हितों पर जल्द निर्णय नहीं लेने पर दोबारा आंदोलन से पीछे नहीं हटने की बात कही है।
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