बेटे को राहत देने बुजुर्ग मां ने फांसी लगाकर की खुदकुशी
कोरबा। घर की माली हालत और दत्तक पुत्र पर बढ़ते बोझ ने बीमार मां को बेहाल कर दिया। उसने बेटे को राहत देने मन ही मन इहलीला समाप्त करने का फैसला कर ली। इस बात से इशारे-इशारे में परिजनों को आगाह भी कर दिया, लेकिन वे मंसूबा नहीं भांप सके। उन्हें माजरा तब समझ आया जब बूढ़ी मां ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। बालको थानांतर्गत ग्राम दोंदरो में मुंदरी बाई कंवर (70 वर्ष) निवास करती थी। उसने शुक्रवार की शाम अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। जिसकी भनक परिजनों को तब लगी जब वे काम कर घर पहुंचे। सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने कमरे को सील कर दिया था। शनिवार की सुबह मामले में वैधानिक कार्रवाई की गई। घटना को लेकर पड़ोस में रहने वाले शंभु सिंह कंवर ने बताया कि मृतिका नि:संतान थी। उसने बपचन में ही अपने भतीजे रामदयाल को गोद ली थी। उसने ही रामदयाल की परवरिश की थी। रामदयाल अपनी पत्नी व पांच बच्चों के साथ मां मुंदरी बाई की देखरेख करते आ रहा था। चूंकि रामदयाल ठेका मजदूर के रूप में काम करता था। जिससे मिलने वाली सीमित आदमनी में पत्नी व पांच बच्चों सहित आठ सदस्यों का भरण पोषण कर पाना मुश्किल था। करीब एक माह पहले मुंदरी बाई की तबियत खराब हो गई। इसके बाद से ही वह घर की माली हालत और बेटे पर बढ़ते बोझ को लेकर अक्सर चर्चा करती थी। उसने बेटे के बढ़ते तनाव को दूर करने इहलीला समाप्त करने का फैसला कर ली थी। इस बात का उसने इशारे इशारे में दो दिन पहले जिक्र भी की थी, लेकिन उसकी बात किसी की समझ नहीं आई। बहरहाल पुलिस ने मामले में वैधानिक कार्रवाई उपरांत शव को परिजनों के सुपुुर्द कर दिया है। मामले में जांच के बाद भी वृद्धा की मौत का खुलासा हो सकता है।
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