मनमर्जी – निजी व्यवसायिक प्रतिष्ठानों के सामने अघोषित पार्किंग
कोरबा। शहर के कई व्यवसायिक प्रतिष्ठान अपनी मर्जी के मालिक हैं। इन प्रतिष्ठानों की पार्किंग कागजों में तो हैं, लेकिन धरातल पर नहीं है। यहीं वजह है कि व्यवसायिक स्थल के सामने अघोषित पार्किंग पार्किंग बन चुका है। यह सुविधा व्यवसायिक प्रतिष्ठान संचालक की ओर से नहीं है। बल्कि यह सरकारी स्थान है, जिसे पार्किंग के रूप में उपयोग किया जा रहा है। यह मनमानी लंबे समय से की जा रही है। इसके बाद भी यहां के जिम्मेदार अपनी आंख बंद किए हुए हैं।शहर की यातायात व्यवस्था पर आए दिन सवाल खड़े होते हैं। ट्रैफिक की अव्यवस्था का एक कारण यहां पार्किंग सुविधा की मनमानी भी है। शहर के सड़क किनारे ऐसे व्यसायिक प्रतिष्ठान हैं, जिनके पास पार्किंग की सुविधा नहीं है। इन प्रतिष्ठानों में आने वाले लोग अपने वाहन को सामने खाली जगह पर खड़ी करते हैं।
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