माइनिंग सरदार की भर्ती परीक्षा में बोनस अंक देने में भेदभाव, परीक्षार्थियों ने एसईसीएल सीएमडी से की शिकायत
कोरबा। एसईसीएल बिलासपुर द्वारा 2023 में निकाली गई सी ग्रेड माइनिंग सरदार की 350 वैकेंसी भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ती नजर आ रही है। भूविस्थापितों और आश्रितों को सुलभ-सुगम तरीके से रोजगार उपलब्ध कर पाने में नाकाम एसईसीएल पर अब अब नौजवान परीक्षार्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ का गंभीर आरोप लग रहा है।
उपर्युक्त पदों के लिए एसईसीएल ने ऑनलाइन परीक्षा लेने वाली एजेंसी ईडीसीआईएल को परीक्षा लेने का जिम्मा सौंपा था। प्रबंधन ने 1- 1 अंक के 100 प्रश्न पूछे थे, जिसमें नकारात्मक अंकिय प्रणाली नही थी। कंप्यूटर सिस्टम में ऑनलाइन परीक्षा लेने के बाद परीक्षार्थियों का अपना वैकल्पिक प्रश्नोत्तरी उत्तर पुस्तिका की एक छायाप्रति प्रदान की जाती है। परीक्षा के चौबीस घंटे बाद ही मॉडल आंसर शीट ऑनलाइन अपलोड कर दिया जाता है। मॉडल आंसर शीट जारी होने के उपरांत परीक्षार्थियों ने दो प्रश्नों के गलत होने का दावा आपत्ति पेश किया था। ऐसे दो प्रश्न थे जो विवादित हुए, ऐसे समय में उन प्रश्नों के अंक सभी परीक्षार्थियों को एक समान अंक देना एक स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर माना जाता है। एसईसीएल सीएमडी को लिखे अपने शिकायत पत्र में परीक्षार्थियों ने लिखा है कि केवल दो प्रश्न ही विवादित होने के बावजूद भी कई छात्रों को आठ अंक तक बोनस के रूप में दिए गए। उनके प्राप्तांकों को कट-ऑफ के पार पहुंचवाया गया । छात्रों के अनुसार जब दो ही प्रश्न विवादित थे तो सभी परीक्षार्थियों को समान रूप से 2 अंक ही बोनस के रूप में दिए जाने थे , जबकि परीक्षा प्रबंधन विभाग (एजेंसी ईडीसीआईएल) ने ऐसा नहीं किया और छात्रों को भेदभावपूर्ण तरीके से अंक बांटते हुए किसी को आठ अंक तक बोनस दे दिए, किसी को छ: किसी को दो-चार और कुछ लोगों के अंक काट लिए गए हैं।अंक वितरण की इस पूरी प्रणाली को विवादास्पद बताते हुए छात्रों का आरोप है कि इसके माध्यम से बड़ा भ्रष्टाचार किया गया है। परीक्षार्थियों का आरोप यह है कि इस प्रकार से एसईसीएल प्रबंधन माइनिग छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रहा है।
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6 साल बाद ली गई परीक्षा
युवाओं ने बताया कि लगभग छ: वर्ष के बाद एसईसीएल माइनिंग सरदार की भर्ती के लिए परीक्षा ले रहा है। ऐसे में बहुत से ऐसे भी परीक्षार्थी हैं जो अगर इस बार चयनित नही हो पाते हैं तो अगली बार इस भर्ती के लिए उनकी उम्र की पात्रता समाप्त हो गई होगी। ऐसे में छात्रों में एसईसीएल प्रबंधन के कारण जहां एक ओर छात्रों में निराशा है, वहीं दूसरी ओर वे आक्रोशित भी हैं। इसी आक्रोश के कारण एवं न्याय की उम्मीद में परीक्षार्थी छात्र मंगलवार को एसईसीएल मुख्यालय बिलासपुर पहुंचे हुए थे और उन्होंने सीएमडी के नाम अपना ज्ञापन सौंपते हुए न्याय की गुहार लगाई है।
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