मुख्यमंत्री समग्र ग्रामीण विकास मद को बनाया कमाई का जरिया, गांवों में विकास करने की बजाय पंचायतों ने भर ली अपनी जेब,
कोरबा। मुख्यमंत्री समग्र ग्रामीण विकास मद को डकारने में निर्माण एजेंसी ग्राम पंचायतों ने कोई कसर बाकी नहीं रखी है। ग्राम विकास के लिए स्वीकृत राशि में से लाखों रुपए का आहरण करने के बाद भी काम को वर्षों से लटका कर रखा गया है। शासन और प्रशासन ने जिस मंशा के साथ ग्राम पंचायत को राशि का वितरण किया है। उसमें ग्राम पंचायतों ने डंडी मार ली है। इसकी शिकायत दर्री रोड निवासी बिहार लाल सोनी ने कलेक्टर से की है। शिकायत में कहा गया है कि कोरबा विकासखण्ड के अंतर्गत ग्राम पंचायत पहन्दा एवं ग्राम पंचायत पताढी में वर्ष 2019-20 में मुख्य मंत्री समग्र ग्रामीण विकास मद से तीन अलग-अलग स्थानों पर सीसी. रोड निर्माण कार्य के लिए 13 लाख रुपये की राशि स्वीकृत की गई थी। इन निर्माण कार्यों के लिए जारी 5.20 लाख रुपये अग्रिम भुगतान राशि का आहरण निर्माण एजेंसी ग्राम पंचायत के द्वारा कर ली गई है। लगभग 4 वर्ष का समय बीत जाने के बाद भी स्वीकृत की गई तीनों ही सीसी रोड का निर्माण कार्य प्रारंभ ही नहीं किया गया है। ग्राम पंचायत बेला में वर्ष 2018-19 एवं वर्ष 2019-20 में मुख्य मंत्री समग्र ग्रामीण विकास मद से ही दो अलग-अलग स्थानों पर सी.सी. रोड निर्माण कार्य के लिए 13 लाख रुपये की राशि स्वीकृत की गई थी। इन निर्माण कार्यों के लिए 5.20 लाख रुपये अग्रिम भुगतान राशि का आहरण किये जाने के बावजूद भी संबंधित निर्माण एजेंसी के द्वारा लगभग 4 वर्षों का समय बीत जाने के बाद भी दोनो ही सी.सी. रोड का नाम मात्र आधा-अधूरा निर्माण कार्य करवाया गया है। करतला विकासखण्ड के अंतर्गत ग्राम पंचायत खरवानी, ग्राम पंचायत गाढ़ापाली एवं ग्राम पंचायत खुटाकुडा में वर्ष 2016-17 में मुख्यमंत्री समग्र ग्रामीण विकास मद से अलग-अलग स्थानों पर नाली निर्माण के लिए 6,30,400 रुपये की राशि स्वीकृत की गई थी। इन निर्माण कार्यों के लिए स्वीकृत पूरी राशि का भुगतान निर्माण एजेंसी को किये जाने के बावजूद भी उपरोक्त तीनों ग्राम पंचायतों में स्वीकृत नाली निर्माण कार्य आधा-अधूरा एवं अप्रारंभ की स्थिति में है। निर्माण एजेंसी द्वारा 2 लाख 57 हजार 200 रूपए आहरित की गई है। ग्राम पंचायत सुखरीकला में वर्ष 2019-20 में उक्त मद से 7 लाख रुपये की लागत से शासकीय उचित मूल्य दुकान का निर्माण कार्य स्वीकृत किया गया था, इस निर्माण कार्य के लिए संबंधित निर्माण एजेंसी को कुल 5.60 लाख रुपये की राशि जारी किये जाने के बावजूद भी यह निर्माण कार्य पिछले 04 वर्षों से आधी-अधूरी स्थिति में शासकीय योजनाओ के प्रति लापरवाही एवं भ्रष्टाचार का प्रतीक बना हुआ है। ग्राम पंचायत सुखकरीकला में भी 7 लाख रुपये की लागत से उचित मूल्य दुकान उपरोक्त निर्माण कार्य के लिए ग्राम पंचायत सुखरीकला को निर्माण एजेंसी बनाया गया था। कुल 5.60 लाख रुपये राशि का भुगतान किये जाने के बावजूद भी संबंधित निर्माण एजेंसी, तकनीकी अमले की लापरवाही और अनावश्यक लेट-लतीफी के कारण शासन द्वारा जनहित में स्वीकृत शासकीय योजनाओं का लाभ क्षेत्रीय जनता को उचित समय में नहीं मिल पा रहा है। ग्राम पंचायत बांधापाली में वर्ष 2021-22 में तीन अलग-अलग स्थानों पर सी.सी. रोड निर्माण कार्य के लिए 7.80 लाख रुपये की राशि स्वीकृत की गई थी। इन निर्माण कार्यों के लिए 3.12 लाख रुपये जारी अग्रिम भुगतान राशि का आहरण किये जाने के बावजूद भी संबंधित निर्माण एजेंसी के द्वारा लगभग 03 वर्षों का समय बीत जाने के बाद भी स्वीकृत दो स्थानों पर सी. सी. रोड का आधा-अधूरा निर्माण कार्य करवाया गया है, जबकि तीसरे स्थान पर सी.सी. रोड निर्माण कार्य प्रारंभ नहीं की गई है। ग्राम पंचायत ढोढातरई में वर्ष 2021-22 में मुख्य मंत्री समग्र ग्रामीण विकास योजना मद से दो अलग-अलग मोहल्लों में स्वीकृत दो मुक्तिधाम शेडो के निर्माण कार्य के लिए 9.58 लाख रुपये की राशि स्वीकृत की गई थी। इन निर्माण कार्यों के लिए 3,83,200 रुपये अग्रिम भुगतान राशि का आहरण किये जाने के बावजूद भी संबंधित निर्माण एजेंसी के द्वारा लगभग 03 वर्षों का समय बीत जाने के बाद भी स्वीकृत निर्माण कार्य को प्रारंभ नहीं किया है। इसी तरह ग्राम पंचायत तुमान में वर्ष 2021-22 में दो अलग-अलग स्थानों पर स्वीकृत दो मुक्तिधाम शेडो के निर्माण कार्य के लिए 9.58 लाख रुपये की राशि स्वीकृत और 3,83,200 रुपये अग्रिम भुगतान राशि का आहरण किया गया है। निर्माण एजेंसी के द्वारा लगभग 03 वर्षों का समय बीत जाने के बाद भी स्वीकृत निर्माण कार्य को प्रारंभ नहीं की गई है। ग्राम पंचायत करतला में वर्ष 2018-19 में 03 इकाईयों में मुख्यालय मार्ग से धान खरीदी केन्द्र तक सी.सी. रोड निर्माण कार्यों के लिए 7.80 लाख रुपये की राशि स्वीकृत की गई थी। इस निर्माण कार्य के लिए 3.12 लाख रुपये जारी अग्रिम भुगतान राशि का आहरण किये जाने के बावजूद भी लगभग 05 वर्षों का समय बीत जाने के बाद भी सी.सी. रोड नहीं बनाया गया है। ग्राम पंचायत कर्रापाली में वर्ष 2019-20 में मुक्ति धाम निर्माण कार्य के लिए 4.79 लाख रुपये की राशि स्वीकृत की गई थी। इस निर्माण कार्य के लिए 1,91,600 रुपये जारी अग्रिम भुगतान राशि का आहरण किये जाने के बावजूद भी 4 वर्ष से कार्य पूरा नहीं हुआ है। ग्राम पंचायत बुढ़ियापाली में वर्ष 2019-20 में प्राथमिक शाला भवन से पीपल चौक तक सी.सी. रोड निर्माण कार्य के लिए 5.20 लाख रुपये की राशि स्वीकृत और 2.08 लाख रुपये की जारी अग्रिम भुगतान राशि का आहरण किया गया है। ग्राम पंचायत कर्रापाली में वर्ष 2019-20 में प्राथमिक शाला से बजरंग चौक की ओर सी.सी. रोड निर्माण कार्य के लिए 5.20 लाख रुपये की राशि स्वीकृत और 2.08 लाख रुपये की जारी अग्रिम भुगतान राशि का आहरण किया जा चुका है। पर चार वर्ष बाद भी काम नहीं किया गया है। साजापानी में वर्ष 2019-20 में भीखम घर से बहादुर घर तक सी.सी. रोड निर्माण कार्य के लिए 5.20 लाख रुपये की राशि स्वीकृत की गई थी, इस निर्माण कार्य के लिए 2. 08 लाख रुपये की जारी अग्रिम भुगतान राशि का आहरण, ग्राम पंचायत बांधापाली में वर्ष 2021-22 में 3 अलग-अलग स्थानों पर 3 चौक सौंदरीकरण निर्माण कार्य के लिए 3.90 लाख रुपये की राशि स्वीकृत की गई थी। इन निर्माण कार्यों के लिए 1.56 लाख रुपये जारी अग्रिम भुगतान राशि का आहरण की गई है। मगर कार्य का लाभ ग्रामीणों को नहीं मिला।
बॉक्स
14 सीसी रोड निर्माण मद डकारने के मामले दिए गए हैं जांच आदेश
करतला विकासखंड के विभिन्न ग्राम पंचायतों में वर्ष 2022-23 में मुख्यमंत्री समग्र ग्रामीण विकास योजना मद से सीसी रोड निर्माण कार्य स्वीकृत किए गए थे। इन निर्माण कार्यों के लिए संबंधित ग्राम पंचायतों को निर्माण एजेंसी बनाया गया था। इन स्वीकृत निर्माण कार्यों के लिए 54.60 लाख रूपये की अग्रिम राशि संबंधित निर्माण एजेंसियों को प्रशासन के द्वारा जारी की गई थी। निर्माण एजेंसियों के द्वारा प्रशासन द्वारा जारी अग्रिम भुगतान राशि का आहरण किए जाने के बाद भी स्वीकृत निर्माण कार्य आज पर्यंत तक प्रारंभ नहीं किए गए हैं औ न ही निकाली गई राशि को पंचायत के खाते में जमा किया गया है, जो आर्थिक अनियमितता की श्रेणी में आता है। मामले में जिला पंचायत सीईओ ने ग्रामीण यांत्रिकी सेवा संभाग कोरबा के कार्यपालन अभियंता को जांच के आदेश दिए हैं। 7 दिन में जांच रिपोर्ट सौंपने कहा गया है।
![]()

