कोरबा। जिले में मृत गाय को सड़क पर ट्रैक्टर से 2 किलोमीटर दूर घसीटते हुए ले जाया गया। ट्रैक्टर से घसीटने का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें गाय का पूरा शरीर सड़क पर रगड़ खाता दिख रहा है। मामला सिविल लाइन थाना क्षेत्र के गोढ़ी गांव का है। जानकारी के मुताबिक वीडियो किसी बाइक सवार युवक ने बनाया है। युवक ने वीडियो को सोशल मीडिया पर कर दिया। वीडियो वायरल होते ही आरोपियों के खिलाफ पशु क्रूरता अधिनियम के तहत कड़ी कार्रवाई की मांग की जा रही है। वहीं बजरंग दल ने घटना की कड़ी निंदा की है। बजरंग दल ने कहा कि कोरबा पुलिस अधीक्षक और कलेक्टर से शिकायत कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करेंगे। वीडियो में दिख रहा है कि बेरहमी से गाय को घसीटा जा रहा है। शनिवार को गाय को घसीटने का वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट हुआ। वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि एक मृत गाय को ट्रैक्टर के पीछे रस्सी से बांधकर सड़क पर घसीटा जा रहा है। ट्रैक्टर पर दो युवक सवार दिखाई दे रहे हैं, जिनमें एक ट्रैक्टर चला रहा है, जबकि दूसरा बगल में बैठा है। बताया जा रहा है कि गाय को करीब 2 किलोमीटर दूरी तक इसी तरह सड़क पर घसीटते हुए ले जाया गया। वीडियो में जिस तरह से गाय के शव को सड़क पर ले जाया जा रहा है। उसे देखकर लोग इसे अमानवीय और संवेदनहीन कृत्य बता रहे हैं। जानकारी के मुताबिक इस पूरी घटना का वीडियो वहां से गुजर रहे एक बाइक सवार युवक ने बनाया था। युवक ने यह वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दिया। वीडियो वायरल होते ही बड़ी संख्या में लोगों ने इस पर प्रतिक्रिया दी और घटना की निंदा की। वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। अधिकांश यूजर्स ने प्रशासन से तुरंत कार्रवाई की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि मृत पशु को हटाना ही था, तो इसके लिए मानवीय और नियमों के अनुरूप तरीका अपनाया जाना चाहिए था। बजरंग दल के संयोजक राणा मुखर्जी ने बताया कि यह मामला गोढ़ी गांव क्षेत्र का है। मृत गाय को जिस तरह ट्रैक्टर से घसीटा गया, वह गौ माता का अपमान है। इसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।कोरबा पुलिस अधीक्षक और कलेक्टर से शिकायत की जाएगी। दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की जाएगी। फिलहाल इस मामले में पुलिस कार्रवाई को लेकर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। हालांकि वीडियो वायरल होने के बाद दबाव बढ़ गया है। उम्मीद की जा रही है कि मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ पशु क्रूरता अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
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