कोरबा। एक युवक ने अपने ही गले में धारदार हथियार से हमला कर लिया। उसने खून से लथपथ होते ही सरपट घर की ओर दौड़ लगा दी। इस दौरान गहरे कुएं में जा गिरा। मौके पर पहुंचे ग्रामीणों ने उसे आनन फानन कुएं से बाहर निकाल इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज अस्पताल भिजवाया, जहां उसकी हालत नाजुक बनी हुई है। वह बातचीत नही कर पा रहा है। लिहाजा पुलिस पीड़ित का बयान दर्ज नही कर सकी है।
सिविल लाइन थानांतर्गत ग्राम बेंदरकोना में भागवत प्रसाद कुर्रे निवास करता है। वह रोजी मजदूरी कर परिवार का भरण पोषण करता है। प्रतिदिन की तरह भागवत काम करने कोरबा आया हुआ था। घर में उसका 25 वर्षीय पुत्र रामकिशन कुर्रे अकेला था। रामकिशन दोपहर करीब दो बजे बस्ती में ही कहीं घूमने गया था। उसने घर लौटते समय अपने पास रखे धारदार हथियार से खुद के गले में वार कर दिया, जिससे खून के फौव्वारे निकलने लगा। यह देख रामकिशन घबरा गया। वह अपनी जान बचाने सरपट घर की ओर भागने लगा। इस आपाधापी में रामकिशन गहरे कुएं में जा गिरा। उसे भागते समय कुएं में गिरते ग्रामीणों ने देख लिया। वे बिना समय गंवाए मौके पर जा पहुंचे। ग्रामीणों ने कुएं से बाहर निकाला। वे कुछ समझ पाते, इससे पहले वह पुन: भाग निकला। उसके गले से खून निकलते देख ग्रामीणों को अनहोनी की आशंका हुई। उन्होनें किसी तरह युवक पर काबू पाया। उसे अस्पताल ले जाने सरकारी एम्बुलेंस की मदद लेने का प्रयास किया, लेकिन सफलता नही मिली। ऐसे में ग्रामीण युवक को बाइक में बिठाकर अस्पताल के लिए रवाना हुए। वे गोढ़ी के समीप पहुंचे थे, इसी बीच डॉयल 112 की टीम पहुंच गई। डॉयल 112 की टीम ने युवक को इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज अस्पताल दाखिल कराया, जहां डॉक्टरों ने तत्काल युवक को उपचार शुरू कर दिया। मेमो मिलने पर अस्पताल पुलिस पीड़ित का बयान दर्ज करने पहुंची, लेकिन वह बातचीत नही कर पा रहा है, लिहाजा बयान कलमबद्ध नही हो सका है। अब पुलिस को उसके स्वस्थ होने का इंतजार है। मेडिकल कॉलेज अस्पताल में रामकिशन का उपचार जारी है। उससे कुछ लोगों ने घटना के संबंध में जानकारी लेने की कोशिश की, तो वह कागज में टूटी फूटी भाषा में लिखकर कुछ बताने की कोशिश करने लगा। जिससे मामला संदिग्ध प्रतीत हो रहा है। हालांकि इस संबंध में जानकारों को कहना है कि कई बार घटना का असर मस्तिष्क पर पड़ता है, जिससे पीड़ित उल जलूल हरकत करता है।
![]()

