कोरबा। नगर पालिका परिषद दीपका के अंतर्गत आने वाले कृष्णा नगर वार्ड क्रमांक 7 के निवासी पिछले कई दिनों से बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रहे हैं। केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी जल जीवन मिशन योजना यहाँ पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है। आलम यह है कि रेल कॉरिडोर के काम के दौरान क्षतिग्रस्त हुई पाइपलाइन की मरम्मत के बावजूद वार्डवासियों के घरों तक पानी नहीं पहुँच पा रहा है। जिससे स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश व्याप्त है।
वार्डवासियों ने बताया कि कोयला ढुलाई के लिए बनाए जा रहे रेल कॉरिडोर के विस्तार के दौरान नगर प्रशासन द्वारा बिछाई गई मुख्य पाइपलाइन बुरी तरह फट गई थी। हालांकि रेलवे प्रबंधन द्वारा पाइपलाइन को जोड़ने का कार्य तो किया गया, लेकिन तकनीकी खामी या लापरवाही के चलते तब से घरों में पानी की सप्लाई शून्य बनी हुई है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि समस्या के समाधान के लिए वार्ड पार्षद और नगर पालिका के अधिकारी व कर्मचारियों को कई बार मौखिक रूप से सूचित किया जा चुका है। बावजूद इसके जिम्मेदार अधिकारी हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं। जल संकट के कारण लोगों को दैनिक कार्यों जैसे भोजन बनाने और नहाने-धोने के लिए भी पानी नसीब नहीं हो रहा है।वार्डवासियों ने रोष व्यक्त करते हुए कहा कि हर साल गर्मी के मौसम में हमें पानी की किल्लत से जूझना पड़ता है। इस वर्ष गर्मी शुरू होने से पहले ही पाइपलाइन बंद होने से स्थिति बदतर हो गई है। यदि जिम्मेदार अधिकारी और पार्षद अपनी जिम्मेदारी समझते तो आज यह नौबत नहीं आती। कृष्णानगर वार्ड 7 के निवासियों ने नगर प्रशासन और रेलवे प्रबंधन को दो टूक चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही पानी की सुचारू सप्लाई बहाल नहीं की गई तो वे उग्र आंदोलन और चक्काजाम करने के लिए मजबूर होंगे। जिसकी समस्त जिम्मेदारी नगर पालिका प्रशासन और संबंधित ठेकेदार की होगी ।
यह है प्रमुख समस्या
0 रेल कॉरिडोर निर्माण के बाद से वार्ड 7 में पानी की सप्लाई ठप्प।
0मरम्मत के बावजूद घरों तक नहीं पहुँच रहा पानी।
0 पार्षद और अधिकारियों पर लापरवाही का आरोप।
0पानी सप्लाई की समस्या को जल्द सुधार करने की सुनिश्चित किया जाए।
![]()




























