कोरबा। पिछले कुछ दिनों से रसोई का बजट बिगाड़ रही सब्जियों की कीमतों में अब राहत देखने को मिल रही है। आसपास के ग्रामीण इलाकों से लोकल सब्जियों की आवक बढ़ने के बाद बाजार में दामों में गिरावट दर्ज की गई है। इससे गृहिणियों के चेहरे पर फिर से मुस्कान लौट आई है। सब्जी विक्रेताओं के अनुसार पहले बाहर से माल आने के कारण परिवहन लागत अधिक पड़ रही थी, जिससे टमाटर, भिंडी, लौकी और हरी सब्जियों के दाम ऊंचे बने हुए थे। लेकिन अब स्थानीय किसानों की फसल बाजार में पहुंचने लगी है, जिससे सप्लाई बढ़ी और कीमतों पर असर पड़ा है। बाजार में टमाटर जहां पहले 40-50 रुपये किलो बिक रहा था, वहीं अब 10 से 15 रुपये किलो में उपलब्ध है। इसी तरह हरी सब्जियों के दामों में भी 20 से 25 रुपये प्रति किलो तक की गिरावट देखी गई है। व्यापारियों का कहना है कि मौसम अनुकूल रहने से आसपास के गांवों में फसल अच्छी हुई है। किसान सीधे मंडी और हाट-बाजार में सब्जियां ला रहे हैं, जिससे बिचौलियों की भूमिका कम हुई है और उपभोक्ताओं को सीधा लाभ मिल रहा है। गृहिणियों का कहना है कि पिछले सप्ताह तक सब्जी खरीदना मुश्किल हो गया था, लेकिन अब कीमतें सामान्य होने से राहत मिली है। हालांकि व्यापारियों ने यह भी संकेत दिया है कि यदि मौसम खराब होता है या आवक कम होती है तो दाम फिर से बढ़ सकते हैं। फिलहाल बाजार में लोकल सब्जियों की बहार है और आम लोगों को महंगाई से थोड़ी राहत मिली है। यदि यही स्थिति बनी रही तो आने वाले दिनों में सब्जियों के दाम और स्थिर रह सकते हैं।
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