Monday, March 2, 2026

सचिव की ग्राम पंचायत सचिव ने हत्या कर शव में लगाई आग, अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझी पर अब भी है कई उलझन

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सचिव की ग्राम पंचायत सचिव ने हत्या कर शव में लगाई आग, अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझी पर अब भी है कई उलझन

कोरबा। पुलिस लाइन के पास गोकुल नगर हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में जनपद पंचायत पोड़ी उपरोड़ा अंतर्गत पदस्थ महिला सचिव की संदिग्ध परिस्थिति में हुई मौत की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हत्या का खुलासा होने के बाद पुलिस ने महिला के पंचायत सचिव पति को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी जनपद पंचायत कोरबा अंतर्गत ग्राम पंचायत चिर्रा का सचिव है। पुलिस ने विज्ञप्ति जारी कर बताया है कि पूछताछ में पति ने घरेलू विवाद में पत्नी की हत्या करना स्वीकार किया है। उसने हत्या को आत्महत्या का रूप देने के लिए पत्नी के शव को जलाना स्वीकार किया है। आरोपी पति को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। भले ही पुलिस ने अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझा ली है मगर अब कई उलझन बनी हुई है। गोकुल नगर के हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी स्थित जी- 6 में रहने वाली महिला सचिव सुषमा खुसरो 22 वर्ष की जली हुई मिली थी। सुषमा का शव जमीन में चटाई पर पीठ के बल पड़ा हुआ था। कमरे से आग की लपटे और धूंआ उठ रहा था। पुलिस ने खुलासे में बताया है कि शव का पंचनामा, स्थल निरीक्षण, वैज्ञानिक साक्ष्य एकत्र कर विस्तृत जांच की गई। शॉर्ट पीएम रिपोर्ट में महिला की मौत हत्या के बाद जलाने से होना पाया गया। फलस्वरूप अज्ञात आरोपी के विरुद्ध अपराध क्रमांक 446/25 धारा 103(1) बीएनएस पंजीबद्ध किया गया। पुलिस अधीक्षक के व्दारा घटना के शीघ्र निराकरण के लिए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, नगर पुलिस अधीक्षक कोरबा – दर्री के नेतृत्व मे 5 टीम गठित कर साइबर तकनीकी साक्ष्य, 65 सीसीटीवी फुटेज और लगातार पूछताछ के बाद पति अभिनेक कुमार लदेर को हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ की गई, जिसमें उसने अपराध स्वीकार कर लिया। आरोपी ने बताया कि पत्नी से विवाद के बाद गुस्से में आकर उसकी चुनरी से मुंह बांध दिया और तकिये से मुंह-नाक, गला दबा कर हत्या कर दी। हत्या के पश्चात साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से शव को कागज अखबार व कपड़ा को एकत्रित कर फैला कर जलाने की कोशिश कर आत्महत्या का रूप दिखाने का प्रयास किया। आरोपी एवं मृतका दोनों ग्राम पंचायत में सचिव पद पर कार्यरत थे। बच्चों को लेकर आए दिन विवाद होता रहता था। आरोपी लंबे समय से पत्नी से नाराज था और तीन माह से हत्या की योजना बना रहा था। अंधे कत्ल की गुत्थी को सुलझाने के बाद प्रेस के सामने खुलासा करने के बजाय विज्ञप्ति के माध्यम से जानकारी साझा करने के कारण अब भी कई उलझन बनी हुई है। इस मामले में कई रहस्य अभी भी बना हुआ है, क्योंकि कमरे के अंदर में आरोपी के द्वारा अगर आग लगाई है और भागा तो किसी ने क्यों नहीं देखा? घटना के समय आरोपी का मोबाइल का लोकेशन कहां था? जलाने के लिए कागज और कपड़ा क्या अकेले लाया था, क्या हत्याकांड में और भी कोई सहयोगी है या नहीं? कालोनी के बाहर चौकीदार की भी नियुक्ति है, क्या उसने पति को घटना को अंजाम देकर भागते समय देखा था? आरोपी ने मौका स्थल से जाने किस वाहन का उपयोग किया? कमरा भीतर से बंद बताया गया तो इतनी सफाई से बाहर से आग कैसे लगाया गया। अब मामला विचारण के लिए न्यायालय में पेश होगा, अगर साक्ष्य पर ऐसे सवाल उठे तो फिर पुलिस की दलीलें कमजोर भी पड़ सकती है। जिसका फायदा आरोपी को मिल सकता है। बहरहाल पुलिस की विवेचना और साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को पकड़ा जा चुका है मगर लोगों के मन में उठ रहे सवाल अब कौंधे जा रहे हैं।

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