हर 26 जनवरी और 15 अगस्त के पावन पर्व पे पुरुस्कृत सफाई विभाग की कहानी सफाई के नाम पर करते है मनमानी
नगर पालिका बांकी मोंगरा के सफाई विभाग आज सभी के जुबान पर एक नया टॉफ़ीक़ बन कर रह गया है।
बांकी मोंगरा के जनता आज भी समझ नही पाई की जंहा सफाई कर्मी ज्यादातर हरताल पे रहते है। तो कभी उनका मेहनताना समय पर नही मिलता है ।
तो कभी कर्मचारी की कमी रहती है । ऐसे अनेक कारणों से बांकी मोंगरा अपने स्वच्छता की राह देखने मे लगी है ।अब बांकी मोंगरा अपने अलग कदमो पे खड़ी हो चुकी है। जंहा हर क्षेत्र में अलग अलग कर्मचारी नियुक्त किये गए है सबका अलग अलग कार्यक्षेत्र बटा हुआ है।
लेकिन सफाई विभाग हमेशा से बहुचर्चित रहा है। रविवार मानो तो पूरी बांकी मोंगरा में कचरों का ढेरा बन जाता है क्योंकि उस दिन सफाई विभाग की छुट्टी रहती है ।
चाहे नगर के मुख्य चौक हो या स्कूल परिसर के सामने साशन प्रशासन की कोई भी कार्यक्रम आयोजित अगर शनिवार को होती है तो पूरे परिसर की सफाई सोमवार को ही होगा चाहे वह मंदिर हो या गुरुद्वारा।
यंहा सफाई विभाग की सफाई को देखते हुए आज कल रात्री कालीन सफाई भी शुरू करवाया गया है।
यह रात्रिकालीन सफ़ाई वाले सब बाहर से आते है जिनका सफाई सुपरवाइजर भी कोई अलग है।
यंहा तो सब मनमानी चलता है शिकायत की बात आए तो कहते है जिसके पास शिकायत करना है जाओ मेरे को कोई फर्क नही पड़ता । आज आलोक विश्वास ने भी यही शब्द कहा है।
ऐसे में मंत्रियों के सम्मान और स्मृति चिन्ह देना चौकाने वाली बात है।
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