सब्जी का रकबा 5 हजार हेक्टेयर तक बढ़ा, धान की जगह अब गेहूं उगाने पर फोकस कर रहे किसान

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कोरबा। जिले में सब्जी की पैदावार बढ़ेगी। किसान एक ओर धान के बदले गेहूं की फसल ले रहे हैं। दूसरी ओर सब्जी फसल का रकबा 19 हजार हेक्टेयर से बढ़कर 24 हजार हेक्टेयर हो गया है। दलहन और तिलहन फसल का रकबा भी बढ़ने लगा है। इसकी मुख्य वजह कम पानी में होने वाले पैदावार पर किसानों का फोकस है। कृषि विभाग ने रबी में 40,730 हेक्टेयर का लक्ष्य निर्धारित किया था, जिसमें से 40 हजार हेक्टेयर में फसल लग चुकी है। धान की फसल को अधिक पानी की जरूरत होती है। इस वजह से भी तिलहन फसल में मूंगफली का रकबा बढ़ा है। अभी तक किसान 657 हेक्टेयर में मूंगफली की फसल लगा चुके हैं। गर्मी के समय 1 हजार हेक्टेयर रकबा बढ़ने की उम्मीद है। सब्जी की फसल में टमाटर, आलू, प्याज के साथ गेहूं, चना, मटर, गोभी की फसल ले रहे हैं। धान की फसल का लक्ष्य रकबा 514 हेक्टेयर तय किया था, पर 365 में ही इस बार फसल हो रही है। किसानों ने रागी फसल भी 10 हेक्टेयर में लगाई है। गेहूं फसल का रकबा 2224 हेक्टेयर तक पहुंच गया है। पाली, पोड़ी उपरोड़ा, करतला में सबसे अधिक सब्जी होती है। यहां के किसान स्थानीय बाजार के साथ पड़ोसी जिलों में भी उपज पहुंचाते हैं। कृषि, उद्यान के साथ नाबार्ड भी किसानों को प्रोत्साहित कर रहा है। विभागों के बिना सहयोग किसान सब्जी की पैदावार ले रहे हैं। शहर के किनारे खरमोरा, झगरहा के किसान ऑर्गेनिक खेती के लिए आगे आ रहे हैं। सब्जी का यहां बड़ा बाजार है। अभी दूसरे जिलों से सब्जी पहुंचती है, लोकल सब्जी मार्केट में आने के बाद ही रेट कम होते हैं। जिले में दलहन का रकबा 8 हजार 88 हेक्टेयर है। इसमें से सबसे अधिक रकबा तिवरा का 2628 हेक्टेयर है। किसान अब कम फसल ले रहे हैं। मटर का रकबा 1090 हेक्टेयर है, लेकिन 1149 हेक्टेयर में फसल हो रही है। उड़द की 460 हेक्टेयर के बदले 580 हेक्टेयर में फसल लग चुकी है। चना फसल का रकबा 1382 हेक्टेयर है।

तेल प्रोसेसिंग यूनिट लगने से भी तिलहन खेती को बढ़ावा
करतला के किसानों ने तेल प्रोसेसिंग यूनिट लगाई है। इस वजह से यहां मूंगफली की फसल अधिक हो रही है। इसके अलावा सरसों सूर्यमुखी की फसल भी ली जा रही है। कृषि विभाग ने पाली ब्लॉक में तेल प्रोसेसिंग यूनिट लगाने की योजना बनाई है। इस क्षेत्र में भी तिलहन फसल अधिक हो रही है। झगरहा के किसान ने चार एकड़ में ऑर्गेनिक खेती की है। उन्होंने बताया कि धान के बदले सब्जी फसल से आमदनी भी दोगुना होती है। खेत में गोभी, चना, मटर के अलावा गेहूं की फसल ले रहे हैं। सब्जी की फसल में रासायनिक खाद का उपयोग नहीं करते। इसकी वजह से लोग खेत में आकर सब्जी ले जाते हैं।

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