कोरबा। होली का खुमार एक-दो दिन पहले ही शुरू हो जाता है इसलिए स्वास्थ्य विभाग व पुलिस विभाग द्वारा लोकेशन पर मौजूद में इमरजेंसी सर्विस के 108 व 112 की टीम को अलर्ट कर दिया गया है। अधिकारियों के मुताबिक इमरजेंसी सर्विस को कंट्रोल कमांड से सूचना मिलते ही निकट लोकेशन से इमरजेंसी सर्विस की टीम पहुंचेगी और घायलों को त्वरित रूप से अस्पताल पहुंचाया जा सकेगा। घायलों के पहुंचने पर अस्पताल को भी सूचना दी जाएगी जिससे वहां स्टाफ केस अटैंड करने के लिए तैयार रहे। होली के दौरान आपातकालीन सेवा के लिए जिले में तैयारी कर ली गई है। सरकारी अस्पतालों में 24 घंटे डॉक्टर व स्टाफ की ड्यूटी सुनिश्चित रहेगी। मेडिकल कॉलेज में विशेष रूप से तैयारी रहेगी। रिजर्व बेड व दवाओं की भी व्यवस्था की गई है। ज्यादातर केस घटना-दुर्घटना ना में घायल होने के होते हैं इसलिए ट्रामा के लिए रिजर्व मैनेजमेंट पर ध्यान दिया गया है। इमरजेंसी सर्विस के वाहनों को भी अलर्ट किया गया है। रंगो के पर्व होली के दौरान जिले में घटना-दुर्घटना होने पर आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने सरकारी अस्पतालों में तैयारियां कर ली है। दरअसल त्योहार के दौरान अधिकांश लोगों के नशे में होने की स्थिति में एक्सीडेंट, विवाद-मारपीट, हमला जैसी घटनाएं अक्सर होते हैं। इस तरह की कोई आपातकालीन स्थिति हो तो घायलों को अविलंब अस्पताल में चिकित्सा सुविधा मिल सके इसके लिए होली के दिन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में 24 घंटे के लिए अलग से डॉक्टर व चिकित्सा स्टाफ की ड्यूटी तय की गई है। हालांकि विधानसभा सत्र चलने से छुट्टियां रद्द होने की वजह से सामान्य दिनों की तरह ही सरकारी अस्पताल खुले रहेंगे और डॉक्टर समेत अन्य कर्मचारी ड्यूटी पर रहेंगे।
अलग से 2 बेड किए गए रिजर्व
इसी तरह मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भी होली से संबंधित गंभीर केस में त्वरित चिकित्सा सुविधा के लिए कैजुअल्टी में अलग से 2 बेड रिजर्व किए गए हैं, हालांकि सामान्य केस होने पर कैजुअल्टी में अन्य बेड में भर्ती रखकर इलाज किया जाएगा। ज्यादा गंभीर केस होने की स्थिति में रायपुर रेफर किया जाएगा। इमरजेंसी सर्विस के लिए हेल्पलाइन नंबर 108, 112 व पुलिस कंट्रोल रूम का नंबर 9479193399 को जारी किया गया है।
सर्जिकल और ट्रामा टीम की 24 घंटे रहेगी तैनाती
होली के दौरान नशे में लोगों के वाहन चलाने की वजह से एक्सीडेंट ज्यादा होते हैं और सर्वाधिक केस सड़क पर गिरने से हेड इंजरी के होते हैं। इसलिए विकासखंड स्तर पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में ट्रामा केस के जिए रिजर्व मैनेजमेंट की व्यवस्था की गई है। मेडिकल कॉलेज अस्पताल में कैजुअल्टी में रिजर्व बेड और दवाओं के साथ टीम को तैयार रखा जाएगा। विशेष रूप से सर्जिकल और ट्रामा टीम को 24 घंटे तैनात रहने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि घायलों को त्वरित उपचार मिल सके।
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