अनाचार पीडि़ता हुई गर्भवती, करना पड़ा आपरेशन
कोरबा। नाबालिग बेटी के पांव भारी होने की खबर लगने पर परिजन रिपोर्ट दर्ज कराने थाना जा पहुंचे। थाना में तैनात महिला अफसर ने आरोपी और अनाचार पीडि़ता को समझाईश देकर चलता कर दिया। इसके दो दिन बाद हालत बिगडऩे पर पीडि़ता को मेडिकल कॉलेज अस्पताल दाखिल कराया गया, जहां पीडि़ता और उसके कोख में पल रहे बच्चे की जान बचाने डॉक्टरों को ऑपरेशन करना पड़ा। अस्पताल में जच्चा बच्चा का उपचार जारी है। मामले में अस्पताल पुलिस ने वैधानिक प्रक्रिया पूरी कर ली है। यह सनसनीखेज मामला बालको थाना क्षेत्र की है। दरअसल बालको नगर से लगे गांव में परिवार निवास करता है। इस परिवार की नाबालिग बेटी को परसाभांठा क्षेत्र में रहने वाले युवक ने प्रेम जाल में फांस लिया। नाबालिग भी कम पढ़ी लिखी होने के कारण उसके झांसे में आ गई। वह शादी का झांसा देकर दैहिक शोषण करता रहा। जिससे वह गर्भवती हो गई। उसकी तबीयत बीते सप्ताह बिगड़ गई। उसे परिजन इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंचे, जहां परीक्षण के दौरान सामान्य प्रसव नही हो पाने की बातें सामने आई। डॉक्टरों ने नाबालिग और उसके कोख में पल रहे बच्चे को बचाने ऑपरेशन से प्रसव का फैसला किया। उन्होंने घंटों मशक्कत के बाद सुरक्षित प्रसव भी करा लिया। इस पूरे मामले में उस समय नया मोड़ आ गया, जब डॉक्टरों ने नाबालिग अनाचार पीडि़ता के प्रसव संबंधी मेमो अस्पताल पुलिस को भेज दिया। मामले की गंभीरता को देखते हुए अस्पताल पुलिस ने कंट्रोल रूप को सूचना दे दी। साथ ही पीडि़ता और उसके पिता का बयान भी दर्ज किया गया। घटना को लेकिर पीडि़ता के पिता का कहना है कि वह रिपोर्ट दर्ज कराने थाना पहुंचा था, जहां तैनात महिला अधिकारी ने आरोपी युवक को भी तलब किया। उसने दोनों पक्ष को समझाईश देते हुए थाने से लौटा दी थी। इसके दो दिन बाद बेटी को अस्पताल दाखिल कराना पड़ा। वह मामला सामने आने के बाद बेटी का उम्र पुलिस और डॉक्टरों के पास गलती से सोलह वर्ष लिखाने की बात कह रहा है। हालांकि मामले में जांच से दूध का दूध और पानी का पानी हो सकता है।
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