Sunday, February 15, 2026

अब तक 51 हजार प्रधानमंत्री आवास का निर्माण पूरा, 64 हजार मकानों का कराना है निर्माण

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अब तक 51 हजार प्रधानमंत्री आवास का निर्माण पूरा, 64 हजार मकानों का कराना है निर्माण

कोरबा। जिले में प्रधानमंत्री आवास योजना से 64 हजार मकानों का निर्माण कराना है। अब तक 51 हजार मकानों का निर्माण पूरा हो चुका है। तीसरी किस्त की राशि पा चुके हितग्राहियों को आवास एक माह के भीतर पूरा करना होगा। वहीं 13 हजार बचे मकानों का निर्माण अप्रैल 2024 तक पूरा किया जाएगा।ग्रामीण विकास विभाग की योजनाओं में प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना शामिल है, जो शासन की महत्वकांक्षी योजना है। कलेक्टर अजीत वसंत ने वीडियो कान्फ्रेसिंग से जनपद सीईओ की बैठक ली। कलेक्टर ने पात्रहितग्राहियों के आवास सर्वोच्च प्राथमिकता से पूरा कराने को कहा,ताकि मानसून के पहले हितग्राही अपने पक्के आवासों में निवास कर सकें।कलेक्टर ने कहा कि 5 जनपदों के 3240 हितग्राहियों को तीसरी किस्त खाते में भेजी जा चुकी है। इन सभी हितग्राहियों के आवास एक माह के भीतर पूरा हो, यह अधिकारी सुनिश्चित करें। समय पर आवासों का निर्माण पूरा हो, इसके लिए योजनाबद्ध तरीके से कार्य करें। समय पर आवास नहीं बनने पर ग्राम पंचायतों के सरपंच-सचिव की जिम्मेवारी तय की जाएगी। जनपद पंचायत के सीईओ, एसडीओआरईएस, सब इंजीनियर्स, तकनीकी सहायक, रोजगार सहायकों को आवास के निर्माण कार्य का निरीक्षण करेंगे। कलेक्टर ने कहा है कि प्रधानमंत्री आवास निर्माण में किसी प्रकार की कोताही नहीं बरती जाए।विशेष पिछड़ी जनजाति के 255परिवारों को प्रधानमंत्री आवास ग्रामीण योजना से पहली किस्त जारी की गई है। कलेक्टर ने कहा कि इन परिवारों के आवास निर्माण भी प्राथमिकता से पूरा कराएंं। वीसी के जरिए जिला पंचायत के प्रभारी सीईओ प्रदीप साहू, सहायक परियोजना अधिकारी अमिता साहू, जनपद पंचायत के सभी सीईओ समेत अन्य अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।

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खदान फेस पर डटे हुए हैं भूविस्थापित, आंदोलन सातवें दिन भी रहा जारी कोरबा। एसईसीएल दीपका एरिया के माइंस विस्तार से प्रभावित ग्राम पंचायत अमगांव के आश्रित मोहल्ला जोकाहींडबरी, दर्राखांचा के प्रभावितों का सातवें दिन भी धरना प्रदर्शन जारी रहा। ऊर्जाधानी भू विस्थापित किसान कल्याण समिति के बैनर तले धरना प्रदर्शन से रोजगार, मुआवजा व बसाहट समेत 5 सूत्रीय मांगों के निराकरण की मांग है। धरने पर बैठे भूविस्थापितों की मानें तो भूविस्थापितों को उनका अधिकार दिलाने एसईसीएल प्रबंधन गंभीर नहीं है। इस कारण अनिश्चितकालीन धरना जारी है।आने वाले दिनों में भूविस्थापितों के हित संबंधी मांगें पूरी नहीं होने पर खदानबंदी आंदोलन करने बाध्य होंगे। अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे प्रभावितों का कहना है कि दीपका खदान से प्रभावित जोकाहीडबरी के बचे 91 परिवार के मकानों का मुआवजा भुगतान नहीं किया गया है। पूर्व में जिन्हें इसका भुगतान हुआ है उन्हें 100प्रतिशत सोलिशियम के भुगतान की मांग है। इसके अलावा दर्राखांचा के परिसंपतियों, मकानों की मुआवजा राशि की जानकारी समेत पावती देने, प्रभावित गांवों के बेरोजगार युवाओं को रोजगार देने और बसाहट स्थल नेहरू नगर बतारी में बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग शामिल है।
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