कोरबा। जिले में अवैध व फर्जी बिजली कनेक्शन का पता लगाने 2 लाख उपभोक्ताओं की ई-केवाईसी की जाएगी। मीटर रीडर ही घरों और संस्थानों में जाकर ई-केवाईसी की प्रक्रिया पूरी करेंगे। इससे लोगों को डिजिटल सेवाएं घर बैठे मिलेगी। ई-केवायसी का उद्देश्य डेटाबेस अपडेट करना, बिजली चोरी रोकना, सरकारी सब्सिडी का फायदा लाभार्थियों तक पहुंचाना है। उपभोक्ताओं को व्हाट्सएप या एप के जरिए डिजिटल सेवा मिलेगी। अब तक एक ही कनेक्शन से कई जगह सुविधा लेने या बिजली चोरी की शिकायतें मिलती रही हैं। अब इस तरह की गड़बड़ियां ई-केवायसी से पकड़ में आएंगी। जिले में 2 लाख 8821 बिजली उपभोक्ता हैं। इनमें सिटी डिवीजन कोरबा के 69 हजार 609, ग्रामीण संभाग कोरबा के 65 हजार 314 और कटघोरा संभाग के 73 हजार 898 उपभोक्ता शामिल हैं। मीटर रीडर इनके घरों व संस्थानों में पहुंचकर ई-केवाईसी करेंगे। वहीं पुराने मीटर बदलकर उपभोक्ताओं के घरों व दुकानों पर स्मार्ट मीटर लगाने का काम भी जारी है।
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