आंवला नवमीं पर पिकनिक स्पॉट रहे गुलजार, इसके साथ ही शुरू हुआ वनभोज
कोरबा। आंवला नवमीं के साथ रविवार से वनभोज का सिलसिला शुरू हो गया। दीपावली त्यौहार के बाद लगातार त्यौहारों का दौर शुरू होता है। जिससे लोग काफी उत्सुकता के साथ इसका आनंद उठाते हैं, ऐसे में इस बार आंवला नवमी का त्यौहार रविवार को होने के कारण स्कूल में भी छुट्टी था, जिससे लोग बच्चों को लेकर सुबह से ही पिकनिक स्थल पर पहुंचने लगे थे। लोगों का कहना था कि आंवला नवमी को वनभोज को लेकर काफी उत्साह रहता है। रविवार को आंवला नमी होने के कारण इस बार वन विभाग की तरफ से भी पिकनिक स्थल में काफी तैयारी की गई थी। जिससे सुबह से ही पिकनिक स्थल में लोगों का आना शुरू हो गया था। जो देर शाम तक वनभोज का आनंद उठाया। लोगों का कहना था कि इस बार अभी तक ठंड शुरू नहीं हो पाया है, जिससे दोपहर में थोड़ा गर्मी का भी अहसास हुआ है। जिसके चलते लोग देर शाम तक पिकनिक स्पाट में जमे रहे। साथ ही पूरे दिन का समय मिलने के कारण लोग तहर-तरह के व्यंजन भी तैयार किए थे, जिसका जमकर आनंद उठाया। पिकनीक स्पॉट में मेला जैसे महौल रहा। रविवार को सुबह से लोग वनभोज के लिए आंवला पेड़ के नीचे अपना स्थान सुरक्षित रखने पहुंचे थे। दोपहर 12 बजे तक पिकनीट स्पाटों में सभी पेड़ के नीचे लोगों ने अपना डेरा बना लिया था। इसके बाद आने वालों को धूप में ही बैठना पड़ रहा था। अलग-अलग टोलियों में लोग वन भोजन के लिए यहां पहुंचे। कोई दोस्तों की टीम लेकर तो कोई अपने परिवार के साथ। देर से आने वालों को अच्छे स्थान के लिए भटकना पड़ रहा था। सुबह से लोग वन के लिए अपना स्थान सुरक्षित रखने पहुंचे थे। इन पिकनिक स्पॉटों में देर से आने वालों को अच्छे स्थान के लिए भटकना पड़ रहा था। शहर में बहुत से लोगों ने समूह में घर के आंगन में लगे आंवला पेड़ के नीचे भी भोजन किया।
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यह है मान्यता
अक्षय नवमीं के दिन महिलाएं आंवला वृक्ष का पूजन करतीं हैं एवं उसकी छांव में भोजन करने की प्राचीन परंपरा है। इसके पीछे प्रकृति का औषधि गुणों से भरपूर आंवला पेड़ के नीचे अमृत वर्षा होने की भी बात प्रचलित है। इस वृक्ष के नीचे भगवान विष्णु की पूजा-अर्चना करने से निश्चित ही मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। जंगलों की अंधाधुंध कटाई की चपेट से आंवला जैसे गुणकारी पेड़ भी अछूते नहीं हैं।
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आंवला नवमीं का रहता है इंतजार
इस संबंध में पिकनिक मनाने आए लोगों से बात की गई तो उनका कहना था कि आंवला नवमीं को लेकर हर साल इंतजार रहता है, जिससे रविवार को भी वनभोज के लिए पहुंचे हुए हैं। हालांकि अन्य सालों की अपेक्षा इस बार लोगों की ज्यादा भीड़ देखी जा रही है। ऐसे में देर शाम तक लोग वनभोज का आनंद उठाया। हालांकि वनभेाज को लेकर युवा वर्ग में काफी उत्साह था, जिसके चलते युवा वर्ग दोपहर बाद पहुंचे थे और अलग-अलग जगह भोजन पकाने में जुटे हुए थे। साथ ही बच्चे गार्डन में लगे झूला का आनंद लेते नजर आए।
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