आठ सूत्रीय मांगों को लेकर ग्रामीण डाक सेवक रहेंगे हड़ताल पर
कोरबा। अखिल भारतीय ग्रामीण डाक सेवक संघ के आव्हान पर 8 सूत्रीय मांगों को लेकर सभी ग्रामीण डाक सेवक 4 अक्टूबर को एक दिवसीय सांकेतिक हड़ताल पर रहेंगे। जिससे सभी ग्रामीण शाखा डाकघरों में ताला लटका रहेगा। किसी प्रकार का कोई काम नहीं होगा। वहीं आगामी 5 दिसंबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल का नोटिस भी दिया जा चुका है।
अखिल भारतीय ग्रामीण डाक सेवक संघ बिलासपुर संभाग की ओर से अपने संभाग के डाक सेवकों के लिए बुलेटिन जारी किया गया है, जिसमें हड़ताल को सफल बनाने की अपील की गई है। डाक सेवकों की मांगों में 8 घंटे के कार्य के साथ-साथ सरकारी सुविधा कर्मचारी का दर्जा, नियमितीकरण, एक जनवरी सोलह से कमलेश चन्द्र कमेटी की रिपोर्ट को पूर्ण रूप से लागू करने, पांच लाख की ग्रेजुएटी, बारह, चौबीस एवं छत्तीस वर्ष की सेवा पूरी करने पर समयबद्ध वित्तीय उन्नयन समूह बीमा पांच लाख ,180 दिन की संवैतनिक छुट्टी को आगे बढ़ाने और नगदीकरण की मांग शामिल है। सभी प्रकार के इनसेटिव को बंद कर वर्क लोड में करने और जीडीएस कर्मचारियों के परिवारों को चिकित्सा सुविधा प्रदान सहित अन्य मांगों को लेकर हड़ताल का निर्णय लिया गया है। चरणबद्ध योजना के तहत सरकार एवं डाक विभाग से मांग की जा रही है। इसके पूर्व 25 जुलाई को प्रधानमंत्री, संचार मंत्री, वित्त मंत्री को सांसद के माध्यम से ज्ञापन सौंपा था एवं रजिस्ट्री स्पीड पोस्ट के माध्यम से भी ज्ञापन 10 अगस्त को एक दिवसीय धरना प्रदर्शन तथा परिमंडल कार्यालयों के सामने एक दिवसीय भूख हड़ताल भी किया जा चुका है। 4 अक्टूबर को आयोजित एक दिवसीय सांकेतिक हड़ताल को सफल बनाने सभी जीडीएस पदाधिकारी लगे हुए हैं।
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