कोरबा। गरीब बच्चों की मुफ्त शिक्षा आरटीई को लेकर आवेदन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इसी के साथ अभिभावकों की दौड़ कामन सर्विस सेंटरों तक होने लगी है। इस बार आरटीई प्रवेश में नियम बदलाव से केजी व नर्सरी के बच्चों के अभिभावकों में निराशा है। शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई) के तहत प्रवेश के लिए एंट्री पाइंट में किए गए बदलाव के चलते आगामी शैक्षणिक सत्र में जिले के प्राइवेट स्कूलों में पहले की तुलना मे सीटों की संख्या कम हो गई है। कक्षा पहली में सीटें घट जाने से सीधा नुकसान गरीब बच्चों को होगा। प्रदेश में आरटीई के तहत अब तक गरीब बच्चों को प्राइवेट स्कूलों की कक्षाओं नर्सरी और केजी में प्रवेश दिया जाता रहा है। शिक्षा विभाग ने इस साल एंट्री पाइंट कक्षाओं में प्रवेश के नियम को बदल दिया है। आरटीई के नए नियम के अनुसार अब प्राइवेट स्कूलों में केवल कक्षा पहली में गरीब बच्चों को प्रवेश दिया जाएगा। इस नियम के चलते आगामी शैक्षणिक सत्र में सीटों की संख्या काफी घट गई है। चालू शिक्षा सत्र में हजारों गरीब बच्चों को एंट्री पाइंट कक्षाओं नर्सरी और केजी में प्रवेश मिला था, लेकिन नए शिक्षा सत्र के लिए पंजीकृत की संख्या और स्कूलों कक्षा पहली में सीटों की संख्या कम हो गई है। सीटें ऑनलाइन पोर्टल पर प्रदर्शित हो रही है। नए नियम का नुकसान गरीब बच्चों को होगा। इधर, स्कूल शिक्षा विभाग ने आरटीई के तहत प्रवेश के लिए आवेदन की प्रक्रिया शुरू हो गई है। पंजीयन के लिए 31 मार्च अंतिम तिथि निर्धारित की गई है। उक्त अवधि में नोडल स्कूलों द्वारा आवेदन में दिए गए दस्तावेजों का वेरिफिकेशन किया जाएगा।
13 से 17 अप्रैल तक लॉटरी
पात्रता के आधार पर 13 से 17 अप्रैल तक जिलेवार लॉटरी निकाली जाएगी। विभाग की समय सारणी के अनुसार चयनित बच्चों को आबंटित स्कूलों में 1 मई से 30 मई के मध्य प्रवेश की प्रक्रिया पूरी करनी होगी। लॉटरी के बाद बची हुई सीटों के लिए दूसरे चरण हेतु आवेदन 1 जुलाई से किए जाएंगे।
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