कोरबा। शहर में आलू 20 रुपए किलो में मिल रहा है, जबकि टमाटर तीन गुना महंगा 60 रुपए किलो है। लोकल टमाटर की ज्यादा डिमांड और फसल की कम आवक के कारण इसकी कीमत दीगर प्रांत के टमाटर से 10 रुपए अधिक है। नवंबर में टमाटर 40 रुपए किलो था, दिसंबर-जनवरी में 50-60 रुपए किलो में बिक रहा है। इलाहाबाद और फर्रुखाबाद से आने वाला आलू 20 रुपए, पहाड़ी आलू 25 रुपए और प्याज 30 रुपए किलो में उपलब्ध है, जो लोगों को थोड़ी राहत दे रहा है। फूल गोभी 25 रुपए, बैंगन 20-25 रुपए थोक और 40-45 रुपए चिल्हर में बिक रहा है। मटर 25 रुपए थोक, 40 रुपए चिल्हर और सेम 20-22 रुपए थोक, दोगुने दाम चिल्हर में है। मिर्च 60 रुपए किलो और धनिया 20-30 रुपए किलो मिल रहा है। सब्जियों के बढ़े दाम लोगों के लिए चिंता का कारण बने हुए हैं। टमाटर को पूरक सब्जी माना जाता है, यानी अधिकांश सब्जियां इसके बिना पूरी नहीं होतीं। इस वजह से टमाटर की मांग हमेशा रहती है। सब्जी मंडी में रोजाना 5 गाड़ियों के जरिए करीब 100 टन टमाटर की आवक होती है और उतना ही बिकता है। धान की कटाई के बाद खेतों में टमाटर की खेती करने वाले किसानों का उत्पादन फरवरी में शुरू होगा। इसके असर से फरवरी में टमाटर के दाम कम हो जाएंगे, लेकिन उससे पहले लोगों को अधिक कीमत पर ही खरीदना होगा।
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