कोरबा। घर से बच्चों के साथ इलाज व खरीदारी के लिए निकले दंपती ट्रक की चपेट में आ गए। ट्रक की ठोकर से दंपती पहिए के नीचे आ गए। हादसे में बच्चे तो सुरक्षित बच निकले, लेकिन पति पत्नी गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें स्थानीय चिकित्सालय के बाद मेडिकल कॉलेज अस्पताल दाखिल कराया गया, जहां उनका उपचार जारी है। परिजनों का आरोप है कि पुलिस कार्रवाई में आनाकानी कर रही है।
परिजनों ने बताया कि कटघोरा थानांतर्गत ग्राम धंवईपुर में रहने वाले सूरज रोहीदास का विवाद बबली रोहीदास से हुआ है। वे रोजी मजदूरी की तीन मासूम बच्चों का पालन पोषण करते हैं। रविवार की शाम करीब 6 बजे सूरज पत्नी और बच्चों के अलावा काजल के साथ घर से निकले थे। वे बच्चों का इलाज और राशन की खरीदारी करने जा रहे थे। इसी दौरान तेज रफ्तार ट्रक के चालक ने उन्हें चपेट में ले लिया। ट्रक की ठोकर से पति पत्नी नीचे आ गए, जिससे दोनो को गंभीर चोटें आई। घटना की जानकारी होने पर परिजन मौके पर पहुंचे। उन्होंने ट्रक के नीचे से निकालकर पति पत्नी को इलाज के लिए अस्पताल दाखिल कराया, जहां से उन्हें मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। उनका उपचार ट्रामा वार्ड में चल रहा है। परिजनों का आरोप है कि मामले की सूचना पुलिस को दी गई थी। वे खुद मौके पर पहुंचे थे। इस दौरान दुर्घटनाकारित ट्रक की तस्वीर व वीडियो भी तैयार किया था। मौके पर बच्चों के चप्पल व ट्रक के पहिए में खून मिला था। जिसकी जानकारी थाने में तैनात एक पुलिस कर्मी को दी गई, लेकिन वे ट्रक के दुर्घटनाकारित वाहन होने से साफ इंकार कर रहे हैं। जिससे उनमें कार्रवाई को लेकर संशय की स्थिति निर्मित हो रही है। हालांकि वे पुलिस कर्मी का नाम नहीं बता सके। परिजनों ने बताया कि सूरज और उसकी पत्नी रोजी मजदूरी कर मासूम बच्चों का पालन पोषण कर रहे हैं। हादसे में पति पत्नी को गंभीर चोटें आई है, जबकि काजल भी मामूली रूप से घायल हुई है। दंपती का उपचार मेडिकल कॉलेज अस्पताल में चल रहा है। जिससे बच्चों की परवरिश में भी अड़चन आ रही है।
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