Friday, February 13, 2026

उपसंचालक पंचायत कार्यालय में चल रहा संलग्नीकरण का खेल, अधीनस्थ कार्यालय के दो कर्मियों को रखा गया है संलग्न

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उपसंचालक पंचायत कार्यालय में चल रहा संलग्नीकरण का खेल, अधीनस्थ कार्यालय के दो कर्मियों को रखा गया है संलग्न

कोरबा। जिले के विभिन्न विभागों में लंबे से संलग्नीकरण का खेल चल रहा है। अधिकारियों ने अपने पद का दुरुपयोग कर अपने चहेतों को संलग्न कर रखा है। ऐसा ही खेल जिला पंचायत के अंतर्गत कार्यालय उपसंचालक पंचायत में भी चल रहा है।जबकि शासन के आदेश अनुसार किसी भी विभाग में संलग्नीकरण नहीं होना है, लेकिन उप संचालक पंचायत के अधिकारी अपने अधिकार का दुरुपयोग करते हुए सालों साल तक अपने अधीनस्थ कार्यालय के बाबू को संलग्न कर रखे हुए हैं। रेवाशंकर नायक सहायक वर्ग 02 कार्यालय उपसंचालक पंचायत जिला पंचायत को संलग्नीकरण कर रखा गया है। जिसने संलग्नीकरण समाप्त करने मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत को ज्ञापन भी सौंपा है। इसी तरह कुलदीप सिंह हजारी सहायक ग्रेड-03 कार्यालय उपसंचालक पंचायत संलग्न जनपद पंचायत कोरबा में पदस्थ है। रेवाशंकर नायक ने जिला पंचायत सीईओ से किए शिकायत में कहा है उसे जिला पंचायत कोरबा आदेश क्रमांक 3341/पंचा/स्था./2024 कोरबा दिनांक 21.06.2024 के तहत जनपद पंचायत पोड़ी उपरोड़ा में कार्य हेतु संलग्न किया गया है। जो कि संदर्भित स्थानांतरण नीति वर्ष 2025 के बिंदु क्रमांक 01 के 1.5 में दिये गये निर्देशानुसार 05 जून 2025 की स्थिति में समस्त संलग्नित कर्मचारियों का संलग्नीकरण समाप्त करने का निर्देश प्राप्त है, का अवलोकन हो। रेवाशंकर नायक ने संलग्नीकरण समाप्त करते हुए कार्यालय उप संचालक पंचायत जिला कोरबा में उपस्थिति स्वीकार करने उप संचालक को निर्देशित करने की मांग की है। इस तरह उपसंचालक पंचायत कार्यालय में शासन के आदेश का पालन नहीं किया जा रहा है।

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सहायक ग्रेड-02 राजकुमार देवांगन मांग रहा 25 हजार

कुलदीप सिंह हजारी सहायक ग्रेड- 03 कार्यालय उपसंचालक पंचायत संलग्न जनपद पंचायत कोरबा में पदस्थ है। उसने कलेक्टर से किए गए शिकायत में कहा कि राजकुमार देवांगन सहायक ग्रेड-02 द्वारा उसका वेतन माह फरवरी 2025 से पे-डाटा वेतन पत्रक समय से देने के बाद भी वेतन नहीं दिया जा रहा है। मध्य प्रदेश शासन से लगभग 25 साल से अपनी सेवा दे रहा है। राजकुमार देवांगन के द्वारा वेतन में हर माह पैसा मांगा जाता है। वर्तमान में भी वेतन निकालने का 25,000/- रूपये की मांग किया गया है।उपसंचालक के पत्र कमांक/पंचा/स्था. /2025-26/153 कोरबा दिनांक 08/05/2025 के तहत् उसकी सेवा पुस्तिका सेवा सत्यापन द्वारा कोष लेखा पेंशन शाखा बिलासपुर भेजा गया है। जिला पंचायत कोरबा के आदेश क्रमांक/5869/पंचा/स्था./2025 कोरबा दिनांक 17/01/2025 विभागीय जांच को समस्त प्रयोजन के लिये कार्य अवधि मान्य करते हुए विभागीय जांच समाप्त की गई है। जिसमें 11 माह का आधा वेतन उसको दिया जाना है और लगभग 04 वर्ष व्यतीत जो जाने के बाद भी उसे सातवें वेतनमान का एरियर राशि का भुगतान नहीं किया गया है। उन्हें बोला जाता है कि बहुत पैसा है। 20 फीसदी के हिसाब से पहले पैसा मांगा जा रहा है। उसका कहना है कि उसे दो बार हार्ट अटैक आ चुका है, लेकिन इसके बाद भी कोई कार्यवाही नहीं की गई है, बोलने पर मारने की धमकी दी जाती है। 25 हजार लिया जा चुका है। फिर भी उसको परेशान किया जा रहा है। बोला जाता है कि अधिक भुगतान किया गया है। जिसकी वसूली राशि उसके द्वारा 08/10/2020 को भुगतान कर दिया गया है।

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