एक माह बीता 50 फीसदी केंद्रों में बोहनी नहीं हुई, किसानों को नई सरकार बनने का इंतजार
कोरबा। चुनावी साल में धान खरीदी शुरू हुए एक माह बीत गए हैं, लेकिन 50 फीसदी उपार्जन केंद्रों में बोहनी तक नहीं हुई है। किसानों को नई सरकार बनने का इंतजार है। नई सरकार से घोषणा अनुरूप बढ़े दाम पर धान खरीदी की उम्मीद है। इसी उम्मीद में किसान धान लेकर उपार्जन केंद्र नहीं पहुंच रहे हैं।
विधानसभा चुनाव के दौरान मतदाताओं को अपने पक्ष में मतदान की उम्मीद में राजनैतिक पार्टियों ने कई घोषणाएं की है। इसमें से किसानों के लिए सबसे महत्वपूर्ण घोषणा धान खरीदी के समर्थन मूल्य में वृद्धि का है।भाजपा ने अपनी पार्टी की सरकार बनने में किसानों से 3100 रुपए समर्थन मूल्य पर प्रति क्विंटल धान खरीदी की घोषणा की है। वहीं कांग्रेस ने भी किसानों को धान खरीदी का समर्थन मूल्य बढ़ाकर 3200 रुपए प्रति क्विंटल का भरोसा दिलाया है। किसानों को उम्मीद है कि नई सरकार भाजपा या फिर कांग्रेस दोनों में से एक पार्टी की बनेगी। सरकार जिस पार्टी की भी बने अपनी घोषणा पर अमल करते हुए किसानों को किये वादे अनुसार समर्थन मूल्य पर धान खरीदी करेगी। इस उम्मीद पर किसान बैठे हैं और केंद्रों तक अपनी धान लेकर जाने में फिलहाल रूचि कम दिखा रहे हैं। इस कारण किसान अभी फसल की कटाई और मिसाई कर खेत-खलिहान में रखे हुए हैं। नई सरकार बनने का इंतजार कर रहे हैं। 3 दिसंबर को मतगणना के बाद स्थिति साफ हो जाएगी कि सरकार किस पार्टी की बनेगी। बताया जा रहा है कि जिले में अब तक लगभग 15 हजार क्विंटल से धान की खरीदी हुई है।
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25 लाख क्विंटल धान खरीदी का लक्ष्य
कृषि विभाग के आंकड़े के अनुसार जिले में इस बार 90 हजार से अधिक हेक्टेयर में धान के फसल लगाए हुए हैं। पिछले साल की अपेक्षा इस बार किसानों में धान के फसल के प्रति रुचि बढ़ी है। इस कारण रकबा भी बढ़ा है। खेती-किसानी के समय मौसम अनुकूल होने से इस बार किसानों को अच्छी उत्पादन की उम्मीद है। शासन ने इस बार कोरबा जिले से 25 लाख क्विंटल धान खरीदी का लक्ष्य निर्धारित किया है। बताया जा रहा है कि इस बार अभी तक उपार्जन केंद्रों में लगभग 15 हजार से अधिक धान की खरीदी की जा चुकी है, लेकिन उठाव की प्रक्रिया में तेजी नहीं आई है। इससे लाखों रुपए धान भीगने की आशंका बनी हुई है।
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