कोरबा। श्रमिक संगठन एटक में उठा पटक बढ़ चुकी है। इस्तीफे का दौर शुरू हो चुका है। क्षेत्रीय अध्यक्ष के इस्तीफे के बाद अब इस्तीफों की झड़ी लग गई है। अब पूर्व क्षेत्रीय अध्यक्ष सहित 66 पदाधिकारियों ने संगठन को छोड़ दिया है। एसईसीएल कुसमुण्डा क्षेत्र में एटक यूनियन में विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। संयुक्त कोयला मजदूर संघ (एटक) एसईसीएल कुसमुण्डा क्षेत्र में क्षेत्रीय अध्यक्ष बीएल महंत (राजवीर) के इस्तीफा के बाद अब पूर्व क्षेत्रीय अध्यक्ष वीरेंद्र कुमार टंडन, क्षेत्रीय खान सुरक्षा समिति के सदस्य विनय कुमार स्वर्णकार, क्षेत्रीय आवास आबंटन समिति के सदस्य भूपेंद्र कुमार मेहर, खेलकूद व मनोरंजन समिति के सदस्य महेंद्र पाल यादव, क्षेत्रीय उपाध्यक्ष पूरन लाल लाठिया, शंकर सिंह, कुसमुण्डा परियोजना के अध्यक्ष महावीर पटेल, कार्यकारी अध्यक्ष मंतोष कुमार, उपाध्यक्ष भीमसेन, शैलेन्द्र सिंह सहित क्षेत्रीय व परियोजना कार्यकारिणी के 66 पदाधिकारियों ने संयुक्त कोयला मजदूर संघ (एटक) के समस्त पदों और संगठन की प्राथमिक सदस्यता से सामूहिक इस्तीफा दिया है। उन्होंने एसकेएमएस के केंद्रीय महामंत्री अजय विश्वकर्मा को पत्र प्रेषित कर त्याग पत्र में उल्लेख किया है कि एटक कुसमुण्डा क्षेत्र संगठन की गतिविधि से मौखिक व लिखित रूप से कई बार केंद्रीय महामंत्री को अवगत कराया गया, परंतु आज तक स्थिति ठीक नहीं हो सकी है। एटक कुसमुण्डा के क्षेत्रीय सचिव अजीत कुमार सिंह मजदूरों के नहीं बल्कि एसईसीएल प्रबंधन पक्ष के नेता प्रतीत होने लगे हैं। केंद्रीय महामंत्री अजय विश्वकर्मा भी कुसमुण्डा की परिस्थिति से भली-भांति अवगत होने के बाद भी मौन हैं। जिसे लेकर उन्होंने इस्तीफा दिया है।
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