Friday, February 20, 2026

एसईसीएल ने लगातार चौथे साल किया 150 मिलियन टन से अधिक उत्पादन, कोरबा के खदानों ने की 111.47 मिलियन टन की भागीदारी

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कोरबा। एसईसीएल ने लगातार चौथे वर्ष 150 मिलियन टन कोयला उत्पादन का कीर्तिमान स्थापित किया है। इस रिकॉर्ड उत्पादन में कोरबा जिले की खदानों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। जिले की खदानों ने 150 में से 111.47 मिलियन टन कोयला उत्पादन की भागीदारी निभाई है। मौजूदा वित्तीय वर्ष में एसईसीएल को 212 मिलियन टन कोयला उत्पादन का लक्ष्य दिया गया है। इस लक्ष्य का 161.87 मिलियन टन कोयला कोयला जिले की खदानों से उत्पादन किया जाना है। सर्वाधिक उत्पादन लक्ष्य गेवरा को 63 मिलियन टन दिया गया है। जिले की अन्य मेगा परियोजना कुसमुंडा को 50 व दीपका एरिया को 40 मिलियन टन कोयला उत्पादन वित्तीय वर्ष में करना है। कोरबा एरिया को 8.87 मिलियन कोयला उत्पादन का लक्ष्य मिला हुआ है। जिले की गेवरा और दीपका मेघा परियोजना ने इस वर्ष भी बेहतर कोयला उत्पादन का क्रम जारी रखा है। कुसमुंडा मेगा परियोजना ने कमजोर प्रदर्शन जरूर किया है इसके बावजूद एसईसीएल ने 18 फरवरी को 150 मिलियन टन कोयला उत्पादन का माइलस्टोन हासिल कर लिया है। यह लगातार चौथी बार है जब एसईसीएल ने 150 मिलियन टन कोयला उत्पादन किया है। कंपनी ने स्थापना से अब तक 150 मिलियन टन कोयला उत्पादन का आंकड़ा सातवीं बार पार किया है। एसईसीएल के इस रिकॉर्ड कोयला उत्पादन में कोरबा जिले की खदानों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। जिले की खदानों से 111.47 मिलियन टन कोयला उत्पादन की भागीदारी हुई है। उक्त अवधि तक सबसे अधिक कोयला उत्पादन गेवरा एरिया से 44.62 मिलियन टन दर्ज किया गया है। इसके बाद दीपका एरिया से 33.68 और कुसमुंडा से 26.58 मिलियन टन कोयला उत्पादन किया गया है। कोरबा एरिया की खुली और भूमिगत खदानों से 6.59 मिलियन टन कोयला उत्पादन किया जा चुका है। एसईसीएल के 150 मिलियन उत्पादन में कोरबा ने सर्वाधिक कोयला प्रोडक्शन कर एक बार फिर अपनी खास भूमिका निभाई है। कोयला उत्पादन के साथ ही एसईसीएल ने डिस्पैच में भी 150 मिलियन टन का आंकड़ा पार कर लिया है। कंपनी को 220 मिलियन टन कोयला उठाव का लक्ष्य वित्तीय वर्ष में मिला हुआ है। कोरबा जिले की खदानों से सर्वाधिक उठाव हुआ है। कोरबा एरिया से 5.72 मिलियन टन कोयला का डिस्पैच किया जा चुका है। कुसमुंडा से 30.38, गेवरा से 45.85 और दीपका एरिया से 34.59 मिलियन टन कोयला का उठाव हो चुका है।

जिले को मिलेगी डीएमएफ की भारी भरकम राशि

प्रदेश में कोरबा जिला राजस्व कमाई के मामले में अग्रणी जिलों में शामिल है। इस बार भी जिले में स्थित खदानों से 100 मिलियन टन से अधिक कोयला उत्पादन और डिस्पैच अब तक की स्थिति में हो चुका है। ऐसे में कहा जा सकता है कि इस बार भी भरपूर राजस्व कमाई होगी। सर्वाधिक राजस्व कोयला और बिजली से ही प्राप्त होती है। राजस्व कमाई बढ़ने के साथ ही जिले को सीएसआर और डीएमएफ के रूप में भारी भरकम राशि भी मिलेगी। वहीं बेहतर उत्पादन का इनाम अधिकारी-कर्मचारियों को पीएलआर और पीआरपी के रूप में प्राप्त होगा।

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