कोरबा। मेडिकल अनफिट से एसईसीएल समेत दूसरे सहयोगी कंपनियों में अनुकंपा नौकरी के मुद्दे लंबित है। साल 2016 के बाद इस पर निर्णय लेने एसईसीएल मुख्यालय स्तर पर मेडिकल बोर्ड की बैठक नहीं हो रही है। जबकि मेडिकल अनफिट के कई मामले लंबित हैं। इनमें से कई कर्मचारी रिटायरमेंट हो गए या फिर सेवानिवृत्ति के करीब हैं।
11 वां वेतनमान से पूर्व मामले में लाइफ रोस्टर में नाम रखकर नाबालिग बेटियों को एसईसीएल में अनुकंपा नौकरी नहीं दिए जा रहे हैं। कोल इंडिया की मानकीकरण कमेटी में निर्णय लिए जाने पर लाइफ रोस्टर से एसईसीएल में नौकरी की उम्मीदें बंधी थी। ऐसे परिवारों को झटका लगा है। इसकी एक बड़ी वजह एसईसीएल के एरिया दफ्तरों में इम्प्लीमेंट इंस्ट्रक्शन का नहीं आना भी है। इस कारण 2024 के बाद सेक्शन में शामिल तिथि से ही लाइफ रोस्टर में आश्रित के नाबालिग बेटियों के नाम अनुकंपा नौकरी के लिए रखे जा रहे हैं। एसईसीएल समेत दूसरे सहयोगी कंपनियों के कामगारों के हित में गठित वेतन समझौते के प्रावधान में आश्रित नाबालिग बेटे को अनुकंपा नौकरी के लिए लाइफ रोस्टर में डाल दिया जाता था। 12 वर्ष से यह सुविधा नाबालिग बेटे के लिए देकर बालिग होने का इंतजार किया जाता है। दूसरी ओर नाबालिग बेटी का नाम लाइफ रोस्टर में रखने का प्रावधान नहीं था। इस कारण निकटतम आश्रित को कंपनसेशन लेना विकल्प रह जाता था। इस मुद्दे को यूनियन नेताओं ने 11 वेतन समझौते को लागू करने वेतन पर मिलने वाले मिनिमम गारंटी बेनिफिट पर सहमति बनने के बाद गठित मानकीकरण कमेटी की बैठक में उठाया। आखिरकार कोल इंडिया प्रबंधन ने नाबालिग बेटियों के नाम भी लाइफ रोस्टर में रखे जाने पर राजी हो गई। इससे 11 वां वेतनमान और पिछले वेतनमान के समय से लंबित प्रकरणों में नाबालिग बेटियों को लाइफ रोस्टर में रखे जाने के बाद कई परिवारों में एसईसीएल में नौकरी मिलने की उम्मीदें जगी। मगर रोजगार की आस लगाए बैठे परिवारों को झटका लगा है। ऐसे ही एक मामले में एसईसीएल मुख्यालय ने 11 वेतनमान के पहले कोयला कर्मी की मृत्यु का हवाला देकर निकटतम आश्रित को हर महीने कंपनसेशन लेने का विकल्प सुझाया है। मृतक कर्मचारी की पत्नी ने अपनी पुत्री के 18 वर्ष की आयु प्राप्त करने के बाद रोजगार के लिए आवेदन किया है। यूनिट प्रबंधन ने यह कहते हुए उनका आवेदन अस्वीकार कर दिया है कि पूर्व कर्मचारी की मृत्यु के समय उनकी पुत्री नाबालिग थी और स्थायी रोस्टर में नाबालिग पुत्री को रखने का कोई प्रावधान नहीं है, इसलिए वह कंपनसेशन की राशि लेने आवेदन कर सकती है। एक अधिकारी ने बताया कि नाबालिग बेटियों को लाइफ रोस्टर में रखे जाने संबंधी एसईसीएल के एरिया दफ्तर को इंम्प्लीमेंट इंस्ट्रक्शन नहीं मिला है। 2024 के बाद सेक्शन में शामिल किए गए आधार पर ही अनुकंपा नौकरी में लाभ दिए जा रहे हैं।
![]()

