कटघोरा एसडीएम व रीडर पर आरोपों की झड़ी, राजनीतिक दल से संरक्षण, मुआवजा प्रक्रिया में भ्रष्टाचार के गम्भीर आरोप, निर्वाचन आयोग से आप, गांडा समाज और नेता प्रतिपक्ष ने की शिकायत
कोरबा। कटघोरा एसडीएम ऋचा सिंह एवं उनके रीडर (लेखापाल)मनोज गोभिल पर आरोपों की झड़ी लग गई है। राजनीतिक दल से संरक्षण, पार्टी विशेष के लोगों को लाभ पहुंचाने, एसईसीएल दीपका क्षेत्र से अधिग्रहित ग्राम मलगांव में मुआवजा प्रकरण में भ्रष्टाचार करने, प्रभावितों का शोषण कर मकान तोड़ने भयाक्रांत माहौल बनाने का गम्भीर आरोप लगाया गया है। आम आदमी पार्टी के माध्यम से शुरू हुई शिकायत के बाद समाज सेवी मनीराम ,गांडा समाज जन कल्याण एवं विकास समिति एवं नगर पालिका परिषद दीपका के नेता प्रतिपक्ष ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त भारत निर्वाचन आयोग, मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी छत्तीसगढ़ निर्वाचन आयोग से शिकायत कर तत्काल बस्तर संभाग में स्थानांतरण करने की मांग कर खलबली मचा दी है।
आम आदमी पार्टी के ब्लॉक सोशल मीडिया प्रभारी नरेश कुमार चौहान ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त भारत निर्वाचन आयोग ,नई दिल्ली को पत्र लिखकर कटघोरा एसडीएम ऋचा ठाकुर एवं लेखापाल मनोज कुमार गोभिल पर राजनैतिक दल से संरक्षण का आरोप लगाते विधानसभा चुनाव 2023 को मद्देनजर रखते हुए बस्तर संभाग के जिलों में स्थानान्तरण की मांग की है। जिसमें उल्लेख किया गया है कि सबंधित अधिकारी लिपिक कई वर्षों से पदस्थ हैं। राजनैतिक दल के संरक्षण में स्थानीय नेताओं से मधुर संबंध होने के कारण पार्टी विशेष को लाभ पंहुचाया जा रहा है। आगामी विधानसभा चुनाव नवंबर 2023 में रहकर अराजकता, भय का माहौल बनाकर पार्टी विशेष को लाभ पहुंचाने के लिए प्रयास किया जा रहा है। जिसके कारण निष्पक्ष रूप से मतदान होने में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। शिकायत की प्रतिलिपि कार्यालय कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी को दी गई थी । इसके बाद तो मानों शिकायतों का सिलसिला शुरू हो गया है। समाज सेवी मनीराम एम .एल.एस. बी.एस .भारती ने पत्र के माध्यम से समान विषय वस्तु पर शिकायत कर एसडीएम एवं लेखापाल का बस्तर संभाग के जिलों कांकेर दन्तेवाड़ा में पदस्थापना किए जाने की मांग की है। वहीं 12 अक्टूबर को ही गांडा समाज जन कल्याण एवं विकास समिति कोरबा के जिला महामंत्री जवाहर सिंह महानेदिया ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त भारत निर्वाचन आयोग नई दिल्ली को पत्र लिखकर समान विषय वस्तु पर शिकायत कर निष्पक्ष चुनाव मतदान के लिए एसडीएम ऋचा सिंह, लेखापाल मनोज गोभिल का तत्काल तबादले की मांग की है। शिकायतों की बहती गंगा में विपक्ष भी कहाँ शांत रहने वाला था। नगर पालिका परिषद दीपका के नेता प्रतिपक्ष अनूप यादव ने भी मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी छत्तीसगढ़ शासन से एसडीएम कटघोरा ऋचा सिंह एवं उनके रीडर मनोज गोभिल को तत्काल हटाने की मांग की है। शिकायत पत्र में उल्लेख किया गया है कि दोनों अधिकारी कर्मचारी एसईसीएल दीपका क्षेत्र के प्रभावित ग्राम मलगांव के पीड़ितों को पुरषोत्तम कंवर के राजनैतिक षड्यंत्र के दबाव में आकर मकान भूमि का मुआवजा औने पौने दर से भुगतान कराकर मकान तोड़ने भय दिखाने में लगे हैं। कम पढ़े लिखे होने की वजह से ग्रामीण जनता का शोषण किया जा रहा है। उन्होंने प्रकरण में तत्काल कार्रवाई करते हुए एसडीएम, रीडर को अन्यत्र स्थानान्तरित करने की मांग की है। बहरहाल अब यह देखना होगा कि उपरोक्त शिकायतों को आयोग कितनी गंभीरता से लेती है और सबंधितों पर कब कार्रवाई की गाज गिरती है।
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सीएम की खास,अगले मुखिया सरगुजा से
समाज सेवी मनीराम के शिकायत पत्र ने तो गुलाबी ठंड के बीच राजनीतिक पारा गर्म कर दिया है। पत्र में उल्लेख है कि एसडीएम द्वारा बोला जाता है कि वो आने वाले मुख्यमंत्री की खास हैं,अगला मुखिया सरगुजा संभाग से बनने वाले हैं ऐसी धमकी चमकी एसडीएम देती हैं।उन्होंने शिकायत पत्र में उल्लेख किया है कि एसडीएम कटघोरा के मुख्यालय में न रहकर हरदीबाजार में किसी विशेष पार्टी के संभावित प्रत्याशी के घर में रोज 4 से 4 घण्टे बिता रही हैं। मलगांव में नापी सर्वे के उपरांत 43 व्यक्तियों के मकान का मुआवजा काट दिया गया है। विशेष पार्टी को चुनावी फंडिंग करने के लिए जबरदस्ती सीजीएम को दबाब बनाकर गांव के मकानों को तोड़वाया जा रहा है। जिस पर तत्काल रोक लगाए जाने की दरकार है।
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