कोरबा। स्कूलों तक सही और सुरक्षित ढंग से किताबें पहुंचाई जा सकें इसके लिए पाठ्य पुस्तक निगम हर बार नई-नई रणनीतियां बनाता है। इस बार भी नई पहल की गई है। अब स्कूलों तक किताबें पहुंचते ही शिक्षक, प्रधानपाठक जैसे जिम्मेदारों को टीबीसी एप के माध्यम से इसकी जानकारी निगम को देनी होगी। पहले ये काम मैनुअल होता था। किताबें पहुंचने के बाद मैनुअल तरीके से जानकारी पहुंचाई जाती थी। इसमें काफी देर भी होती थी। अब एप के माध्यम से डाटा का मिलान तेजी से हो सकेगा।
स्कूली बच्चों के लिए पाठ्य पुस्तक निगम से किताबें छापी जा रहीं हैं। इनमें 43-45 अलग-अलग टाइटल्स की किताबें शामिल हैं। निगम ने कागज के लिए टेंडर कर दिया है। कागज सप्लाई करने वाली कई कंपनियों ने इसमें भाग लिया है। वर्तमान में दस्तावेजों की स्क्रूटनी की प्रक्रिया चल रही है। जो इस महीने के अंत तक पूरी हो जाएगी। टीबीसी के अफसरों का दावा है कि इस बार भी स्कूलों में समय से किताबें पहुंचाई जाएंगी। पिछले बार स्कूलों में किताबें कम पड़ गईं थी। दो बार किताबें छापनी पड़ी थीं। पिछले साल किताबों की सप्लाई में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी न हो इसके लिए किताबों में क्यूआर कोड भी लगाया गया था।
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