कॅम्प्यूटर इंस्टिट्यूट बिना किसी मान्यता के डिग्री कोर्स कराने का भर रहे दंभ, नहीं हो रही मान्यता की जांच, युवाओं के भविष्य से खिलवाड़
कोरबा। शिक्षा को कुछ लोगों ने व्यवसाय बना दिया है। महंगे महंगे कोर्स को बिना मान्यता के करने का दंभ कुछ कंप्यूटर सेंटर वाले भर रहे हैं। जिनकी जांच करना भी स्थानीय प्रशासन मुनासिब नहीं समझ रहा है। विज्ञापनों के चक्कर में आकर युवा अपने भविष्य को दांव पर लगा रहे हैं। एक ओर जहां शिक्षा को लेकर पूरे देश में क्रांति का माहौल चल रहा है। वहीं कुछ ऐसे कॅम्प्यूटर इंस्टिट्यूट वाले हैं, जो बिना किसी मान्यता के डिग्री कोर्स कराने का दंभ भरते हैं और युवाओं की जिंदगी के साथ खिलवाड़ भी करते हैं। बता दें कि डिग्री कोर्सेस के लिए उच्च शिक्षा विभाग से मान्यता लेने के बाद ही कॉलेज या कोई भी तकनीकी शिक्षा के संस्था का संचालन किया जा सकता है। लेकिन नगर और उपनगर के कंप्यूटर और ट्रेनिंग सेंटर द्वारा डीसीए, पीजीडीसी जैसे डिप्लोमा कोर्स के अलावा बीए, बीएससी, एमए, एमएससी सहित अन्य डिग्री कोर्स कराए जाने संबंधी बोर्ड लगा कर लगातार युवाओं को ठगने का काम किया जा रहा है। सूत्रों की मानें तो बिना पढ़े भी यहां सर्टिफिकेट मिलने की बात भी कही जा रही है। वहीं महाविद्यालय के विज्ञान संकाय के कोर्स के लिए प्रॉपर प्रेक्टिकल कक्ष के अलावा भी प्रोफेसर की आवश्यकता होती है, लेकिन उक्त संस्था में कंप्यूटर कोर्स के अलावा किसी भी तरह के महाविद्यालयीन कोर्स के संबंध में कोई मान्यता नहीं होने के बाद भी धड़ल्ले से संस्थान का प्रचार-प्रसार कर युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने की पूरा प्रयास किया जा रहा है। जानकारों की मानें तो कुछ निजी विश्व विद्यालय में दुरस्थ शिक्षा के माध्यम में महाविद्यालय के कोर्स कराए जाते हैं। जिसका फायदा उठा जिले में इस तरह की संस्थाओं द्वारा युवाओं को अंधेरे में रख उन्हें एडमिशन करा फिर दूरस्थ शिक्षा के हिसाब से अन्य स्थानों पर परीक्षा दिलाया जाता है और एग्जाम उत्तीर्ण के अंकसूची में रेगुलर शिक्षा ना होकर दूरस्थ शिक्षा की बना दी जाती है। जल्द ही इन संस्थाओं पर कार्रवाई नहीं हुई तो आने वाले समय में युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ होता रहेगा।
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