कोयला कामगारों के बढ़े वेतन पर मंडराया संकट, दो-तीन दिन भुगतान स्थगित रखने का आदेश
कोरबा। कोयला कामगारों के बढ़े हुए वेतन भुगतान पर संकट के बदले मंडरा रहे हैं। प्रबंधन की ओर से जारी आदेश के बाद टेंशन में और इजाफा हो गया है। बढ़ा हुआ वेतन कब तक भुगतान होगा इसकी चर्चा कोल कर्मियों में होने लगी है। दूसरी और प्रबंधन के एक ईमेल ने कर्मचारियों की चिंता और बढ़ाई है। रविवार अवकाश दिवस पर कोल इंडिया लिमिटेड प्रबंधन द्वारा जारी एक ईमेल ने कोयला कामगारों के बीच बैचेनी ला दी। इस ईमेल के माध्यम से सीआईएल प्रबंधन ने अगले आदेश तक सितम्बर का वेतन जारी नहीं करने का फरमान दिया था।रविवार की सुबह साढ़े ग्यारह बजे सभी अनुषांगिक कपंनियों को भेजे गए ईमेल में कहा गया कि वे कामगारों की पे- स्लीप तैयार न करें। इसके लिए जबलपुर हाईकोर्ट द्वारा 29 अगस्त को दिए गए फैसले का हवाला दिया गया। वेतन जारी नहीं करने के फरमान के साढ़े चार घण्टे बाद ही सीआईएल प्रबंधन का एक और ईमेल आया। इसमें कहा गया है कि वेतन 2- 3 दिनों के भीतर जारी किया जा सकेगा।सीआईएल प्रबंधन के इस निर्देश से आंशका व्यक्त की जा रही है कि कोयला कामगारों को एनसीडब्ल्यूए- 11 के अनुसार बढ़ा हुआ वेतन मिलेगा या नहीं।
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जनरल मैनेजर को हटाने की मांग
ऑल इंडिया एसोसिएशन ऑफ कोल एग्जीक्यूटिव ने कोयला कामगारों को सितम्बर का वेतन जारी नहीं करने संबंधी ईमेल जारी करने वाले जीएम गौतम बनर्जी को हटाने की मांग उठाई है। संगठन के प्रिंसिपल जनरल सेक्रेटरी पीके सिंह राठौर ने इस संदर्भ में कोल इंडिया चेयरमैन को पत्र लिखा है। श्री राठौर ने पत्र में कहा है कि सीआईएल के जनरल मैनेजर गौतम बनर्जी ने अनुषांगिक कंपनियों को वेतन नहीं जारी करने का अवैध निर्देश जारी किया। श्री बनर्जी की पत्र की भाषा बताती है कि उन्होंने अपनी सीमा लांघी है और सक्षम प्राधिकारियों को बिना बताए या अनुमोदन प्राप्त किए बगैर ईमेल भेजा है। जबलपुर हाईकोर्ट ने सीआईएल को वेतन भुगतान निलंबित करने के लिए नहीं कहा गया है। हमें यकीन है कि सीआईएल के सर्वाच्च अधिकारी त्योहारी सीजन में वेतन निलंबित करने जैसे कठोर कदम को मंजूरी नहीं दे सकते हैं और यह श्री बनर्जी द्वारा रची गई शरारत है।श्री राठौर ने कहा कि औद्योगिक अशांति से बचने के लिए श्री बनर्जी को उनके वर्तमान कार्यभार से तत्काल हटाया जाए।
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