कोरबा की आमसभा में भीड़ नहीं जुटा पाए भाजपाई, परिवर्तन यात्रा के आमसभा में अधिकतर कुर्सियां रही खाली, जिन विधानसभा क्षेत्रों में प्रत्याशी घोषित नहीं वहां रही अपेक्षाकृत ज्यादा भीड़
कोरबा। प्रदेश में सत्ता परिवर्तन के उद्देश्य से भाजपा ने परिवर्तन रैली निकाली है। परिवर्तन रैली हर जिले के हर विधानसभा क्षेत्र में पहुंचकर जनता से कांग्रेस सरकार को छत्तीसगढ़ से उखाड़ फेंकने अपील कर रही है। इस कड़ी में कोरबा पहुंची परिवर्तन यात्रा में परिवर्तन के संकेत कम ही नजर आए। विधानसभा क्षेत्र पाली तानाखार और कटघोरा में तो परिवर्तन यात्रा में जहां तहां भीड़ रही। आम सभा में भी लोग मुख्य वक्ताओं को सुनने लोग पहुंचे, मगर कोरबा विधानसभा में पिक्चर बदली थी। घंटाघर ओपन ऑडिटोरियम में आयोजित परिवर्तन यात्रा के आमसभा की अधिकांश कुर्सियां खाली रही। भाजपाई भीड़ जुटा पाने में पूरी तरह नाकाम रहे। जिन विधानसभा क्षेत्र में अभी प्रत्याशी की घोषणा नहीं हुई है वहां भीड़ और जहां कोरबा विधानसभा क्षेत्र में प्रत्याशी की घोषणा होने के बाद भी भीड़ नहीं जुटा पाना भाजपा के लिए शुभ संकेत नहीं कहा जा सकता।
भाजपा में गुटबाजी इस प्रकार हावी है कि कोरबा घंटाघर में आयोजित परिवर्तन यात्रा की आम सभा में भाजपाई भीड़ नहीं जुटा पाए, जबकि कोरबा जिले में कई ऐसे धनवान भाजपा पार्टी मे पदाधिकारी नेता हैं वह चाहते तो गांव गांव से कार्यकर्ता और समर्थकों को ला ला कर भीड़ इकट्ठा कर सकते थे, लेकिन इनके द्वारा लापरवाही बरती गई। हालांकि खराब मौसम और बरसात होने के कारण ऐसी स्थिति निर्मित होने की बात कही जा रही है, बताया जा रहा है कि मुख्य अतिथि किसी कारण से सभा को संबोधित करने के बाद निकल गए ,लेकिन इस प्रकार असफल हुए आयोजन से प्रत्याशी के वोटों पर असर पड़ सकता है। जिस पार्टी के नाम के सहारे पदों में रहकर शोहरत हासिल की आज उसी पार्टी के आयोजन में सक्षम नेताओं की लापरवाही से आयोजन फ्लॉप साबित रहा है। जिले में कई ऐसे भाजपा के पदाधिकारी नेता कार्यकर्ता हैं जो पार्टी के आड़ में पद के प्रभाव में स्वयं का व्यवसाय कर रहे हैं और लाखों कमा रहे हैं, लेकिन पार्टी के कार्य में खर्च करने उनके जेब से पैसे नहीं निकल रहे, लेकिन पार्टी के नाम का उपयोग कर शोहरत की बुलंदियों में जरूर चढ़ रहे हैं, अगर यही दिग्गज लोग चुनाव तक गिले शिकवे भूल कर प्रत्याशी को जिताने में मदद करें और केवल पार्टी और कमल छाप निशान को याद करते हुए अपने समर्थकों के साथ थोड़ा सा सहयोग करें तो ऐसे तमाम तरह के आयोजन आसानी से सफल हो सकते हैं, और पार्टी का प्रत्याशी आसानी से चुनाव में जीत का परचम लहरा सकता है।
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कोरबा सीट पर 15 साल से कांग्रेस काकब्जा
कोरबा विधानसभा सीट पर कांग्रेस पार्टी का लगातार 15 वर्षों से कब्जा रहा है। इस सीट पर लगातार कांग्रेस के जयसिंह अग्रवाल विजयी होते आए हैं। कोरबा विधानसभा बनने के बाद आज तक भाजपा का प्रत्याशी जीत हासिल नहीं कर पाया है, अगर कांग्रेस पुनः जय सिंह को कांग्रेस से प्रत्याशी बनती है तो भाजपा में जिस प्रकार की गुटबाजी चल रही है उससे पार्टी को नुकसान पहुंच सकता है, क्योंकि कांग्रेस के कोरबा विधायक जयसिंह अग्रवाल राज्य शासन में राजस्व मंत्री होने के साथ-साथ एक प्रभावी चेहरा और चुनावी समीकरण बनाने के एक मंझे हुए खिलाड़ी हैं। जो भाजपा में गुट बाजी के चलते वोटों का समीकरण बिगाड़ सकतें हैं। पार्टी को अगर कोरबा विधानसभा सीट से जीत हासिल करना है तो जरूरत है केंद्रीय नेतृत्व के हस्तक्षेप की और पार्टी में चल रही आपसी अंतर्कलह को मिटाने की, और ऐसे लोगों को ढूंढने की जो पार्टी के आड़ में केवल अपना कार्य सिद्ध करते हैं।
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गुटबाजी के कई कारण
कोरबा जिले में पार्टी में कई ऐसे दावेदार हैं जो या तो उन्हें टिकट नहीं मिलने के कारण या फिर उनके अपने को टिकट नहीं दिया गया इससे वह दुखी हैं, और अपने समर्थकों के माध्यम से गुटबाजी और भीतर घात करते हैं। और भी कारण हो सकते हैं, लेकिन ऐसी गुटबाजी से प्रत्याशी के वोटों में सीधा असर पड़ता है। पार्टी को नुकसान पहुंचता है, जरूरत है गुटबाजी छोड़ एक मत बनाकर पार्टी के दिशा निर्देशों पर चलकर प्रत्याशी को जिताकर प्रदेश में सत्ता हासिल करने की ।
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मुख्य अतिथि का विज्ञापन से चेहरा गायब
कोरबा भाजपा जिला अध्यक्ष कहीं ना कहीं आपसी तालमेल बिठाने में असक्षम साबित हो रहे हैं। गुरूवार को परिवर्तन यात्रा में आए उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम बृजेश पाठक जो घंटाघर में आयोजित आमसभा में मुख्य अतिथि और मुख्य वक्ता रहे और प्रदेश के वरिष्ठ नेता धरमलाल कौशिक सहित तमाम नेता मौजूद रहे, लेकिन भारतीय जनता पार्टी जिला कोरबा द्वारा अखबारों में छपवाए विज्ञापनों में मुख्य अतिथि डिप्टी सीएम का चेहरा गायब रहा। वही कोरबा विधानसभा प्रत्याशी लखन लाल देवांगन का फोटो पासपोर्ट साइज का छोटा सा लगाया गया था, लेकिन कोरबा जिले के भाजपा जिला अध्यक्ष डॉ राजीव सिंह का फोटो ऐसे लगाया गया था जैसे वे ही चुनाव लड़ रहे हो, जिला संगठन की इस प्रकार की सोच कहीं प्रत्याशी को नुकसान पहुंचाते हुए पार्टी की प्रदेश में सत्ता हासिल करने के सपने पर फिर पानी न फेर दे।
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